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हमले रोकने के लिए इसराइल की शर्त | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने लेबनान के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई रोकने के लिए शर्तें रखीं हैं. प्रधानमंत्री ओल्मर्ट के कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि अगर हिज़्बुल्ला इसराइली सैनिकों को रिहा कर देता है, उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दाग़ना बंद कर देता है और साथ ही विद्रोहियों को निशस्त्र कर देता है तो इसराइल अपनी सैनिक कार्रवाई बंद करने को तैयार है. इस बीच लेबनान पर इसराइल का हमला जारी है. शुक्रवार को इसराइल ने राजधानी बेरूत के दक्षिणी ज़िलों और सीरिया की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर बमबारी की. जवाब में हिज़्बुल्ला ने भी उत्तरी इसराइल पर और रॉकेट दाग़े. हिज़्बुल्ला के हमले में कम से कम आठ लोग घायल हुए हैं. जबकि अभी तक लेबनान पर इसराइल के हमले में 60 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. इस बीच मध्य पूर्व संकट की ताज़ा स्थिति पर विचार करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक न्यूयॉर्क में होगी. लेबनान ने युद्ध विराम का आहवान करते हुए सुरक्षा परिषद से अनुरोध किया है कि एक प्रस्ताव पारित करके इसराइल से लेबनान पर हमले रोकने के लिए कहा जाए. इसराइल ने संयुक्त राष्ट्र से कहा है कि अपने दो सैनिकों के पकड़े जाने के लिए वह लेबनान सरकार को ज़िम्मेदार मानता है और आत्मरक्षा में कोई भी कार्रवाई करने का उसे अधिकार है. उधर संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान के एक सलाहकार एडवर्ड मोर्टीमर ने कहा है कि सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे पर गतिरोध बनने की संभावना है क्योंकि बहुत से देश इसराइली सेना की कार्रवाई से पैदा हुए मानवीय संकट की निंदा करना चाहते हैं लेकिन अमरीका इस प्रस्ताव को वीटो कर देगा. एडवर्ड का कहना था कि अमरीका का मानना है कि इस तरह का प्रस्ताव एकतरफ़ा होगा क्योंकि इसमें चरमपंथी संगठनों की कार्रवाई पर कुछ नहीं कहा गया है. अमरीका ने इसराइल से संयम बरतने का अनुरोध किया है. हमले इसराइली सेना का कहना है कि लेबनान में उन स्थानों पर कई हमले किए हैं जहाँ हिज़्बुल्ला छापामारों के ठिकाने हैं. इसराइली लड़ाकू विमानों ने हिज़्बुल्ला का गढ़ कहे जाने वाले दक्षिणी लेबनान में बेरूत-दमिश्क सड़क पर कई हमले किए हैं. बेरूत - दमिश्क सड़क के कई हिस्से इस लड़ाई टूट गए हैं और कुछ इलाक़ों में बिजली भी चली गई है. इसराइली सैनिकों ने कहा है कि उन्होंने हिज़बुल्ला के लगभग 18 ठिकानों को निशाना बनाया है और ये हमले विमानों के अलावा समुद्री तरीकों से भी किए गए हैं. इस बीच इसराइली शहर हाइफ़ा पर रॉकेट से हमले हुए हैं लेकिन हिज़्बुल्ला के नेताओं का कहना है कि ये हमले उन्होंने नहीं किए हैं. इसराइल का मानना है कि ये हमले हिज़्बुल्ला छापामारों ने ही किए थे, इन रॉकेट हमलों से किसी जान-माल की क्षति के समाचार नहीं हैं. अमरीका में इसराइली दूत डैनी आयलोन ने कहा है कि हाइफ़ा के रॉकेट हमले से संकट और गहरा गया है. इसराइल के रक्षा मंत्री आमिर पेरेत्ज़ ने कहा है, "हिज़बुल्ला ने तमाम नियम तोड़ दिए हैं और वह मध्य पूर्व क्षेत्र को रसातल में ले जाना चाहता है." लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि इसराइल ने दक्षिणी बेरूत में भी कई ठिकानों पर हमले किए हैं जहाँ हिज़्बुल्ला के नेता शेख़ हसन नसरूल्ला के दफ़्तर हैं. अपील लेबनान के पड़ोसी देश सीरिया के सरकारी टेलीविज़न ने समाचार दिया है कि ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद से फ़ोन पर बात की है, अहमदीनेजाद ने कहा है कि अगर इसराइल ने सीरिया को निशाना बनाया तो सख़्त जवाब दिया जाएगा. सीरियाई टीवी के अनुसार ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "अगर यहूदी सरकार ने अगर बेवकूफ़ी करते हुए सीरिया पर हमला किया तो इसे पूरे इस्लामी जगत पर हमला माना जाएगा." लेबनान के मंत्रियों ने इसराइल से कहा है कि वह हमले रोक दे लेकिन इसराइल का कहना है कि वह अपनी रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें लेबनान की समुद्री और हवाई नाकेबंदी13 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना ग़ज़ा पट्टी में युद्धविराम की पेशकश08 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल को मंगलवार तक का समय03 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अगवा किया गया 'सैनिक जीवित है'04 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना ग़ज़ा में बड़ी सैनिक कार्रवाई को हरी झंडी05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमले में 22 फ़लस्तीनी मरे, संघर्ष जारी06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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