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ग़ज़ा में बड़ी सैनिक कार्रवाई को हरी झंडी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट ने फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा में इसराइली सेनाओं को किसी बड़ी सैनिक कार्रवाई की इजाज़त दी है. इसराइली सरकार का यह फ़ैसला उस घटना के एक दिन बाद आया है जब फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने मंगलवार को इसराइली शहर अशकेलोन में एक रॉकेट दागा. यह शहर ग़ज़ा से लगभग 12 किलोमीटर दूर है. फ़लस्तीनी क्षेत्र से इतनी लंबी दूरी तय करके इसराइल के अंदर गिरने वाला यह पहला रॉकेट है. इस रॉकेट हमले से हालाँकि नुक़सान तो कम ही हुआ और कोई हताहत भी नहीं हुआ. इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट ने इस रॉकेट हमले को भड़काने वाली कार्रवाई क़रार दिया है और बुधवार को इस मुद्दे पर मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने अपनी सेना को ग़ज़ा में किसी बड़ी कार्रवाई की इजाज़त दे दी. संवाददाताओं का कहना है कि इसराइली सेना की कार्रवाई के दायरे के बारे में अभी कुछ ठोस रूप से पता तो नहीं है लेकिन ऐसा लगता है कि उस कार्रवाई के तहत उत्तरी ग़ज़ा में गोलाबीरी बढ़ाई जाएगी. इसराइली सरकार की एक वेबसाइट पर प्रकाशित वक्तव्य में सेना की बढ़ी हुई कार्रवाई के दो मक़सद बताए गए हैं - अगुवा किए गए इसराइली सैनिक को छुड़ाना और फ़लस्तीनी चरमपंथियों को दक्षिणी इसराइल में रॉकेट दागने से रोकना. बढ़े हुए अभियान के तहत सेना रिहायशी इलाक़ों में और अंदर जा सकती है और चरमपंथियों के साथ गंभीर लड़ाई हो सकती है. उधर उत्तरी ग़ज़ा से मिली ख़बरों में कहा गया है कि इसराइली सैनिकों और हमास के चरमपंथियों के बीच बीइत हनून शहर में झड़पें हुई हैं. किसी के हताहत होने के बारे में अभी कोई ख़बर नहीं है. इससे पहले इसराइल ने बुधवार को ही ग़ज़ा पट्टी में और हवाई हमले किए थे जिनमें कम से कम चार लोग घायल हो गए. ग़ौरतलब है कि फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने रविवार, 25 जून को एक इसराइली सैनिक को पकड़ लिया था जिसके बाद इसराइल ने लगभग एक सप्ताह तक ग़ज़ा में हमले किए हैं जिनमें गोलाबारी और हवाई हमले भी शामिल हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ग़ज़ा अभियान की आलोचना 04 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अगवा किया गया 'सैनिक जीवित है'04 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल ने समयसीमा ठुकराई03 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल को मंगलवार तक का समय03 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना चरमपंथी गुटों ने नई माँगे रखीं01 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना ने फ़लस्तीनी मंत्री पकड़े29 जून, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना उत्तरी गज़ा में भी29 जून, 2006 | पहला पन्ना हमास और ख़ालिद मशाल की मुश्किल28 जून, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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