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शनिवार, 01 जुलाई, 2006 को 03:08 GMT तक के समाचार
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चरमपंथी गुटों ने नई माँगे रखीं
शालित
गिलात शालित को 25 जून को बंधक बना लिया गया था
एक इसराइली सैनिक को बंधक बनाकर रखने वाले तीन फ़लस्तीनी गुटों ने नई माँगें सामने रखी हैं.

इन गुटों ने विभिन्न समाचार एजेंसियों को फ़ैक्स कर बयान जारी किया है कि इसराइल अपने जेलों से 1000 फ़लस्तीनी, अरबी और मुस्लिम क़ैदियों को रिहा करे और ग़ज़ा में अपना अभियान बंद करे.

संगठनों का कहना है कि इन 1000 क़ैदियों में फ़लस्तीनी संघर्ष से जुड़े चरमपंथी और बीमार लोग शामिल होने चाहिए.

हमास की सशस्त्र इकाई और दो अन्य गुटों ने जेल में बंद बच्चों और महिलाओं को छोड़ने की अपनी पुरानी माँग भी दोहराई.

वहीं इसराइल ने बंधक बनाए गए सैनिक गिलात शालित को बिना शर्त रिहा करने की माँग की है.

गिलात शालित को 25 जून को बंधक बनाया गया था.

हमले जारी

इस बीच लगातार चौथी रात को भी इसराइली हवाईजहाज़ों ने ग़ज़ा के ऐसे ठिकानों को निशाना बनाया जहाँ आबादी नहीं है.

ग़ज़ा में कई जगह बिजली गुल हो गई है. ग़ज़ा के उत्तरी हिस्से में बड़ी संख्या में इसराइली सैनिक तैनात हैं.

शुक्रवार देर रात एक इसराइली टीवी पर बताया गया था कि 19 वर्षीय इसराइली सैनिक गिलात शालित का एक फ़लस्तीनी डॉक्टर ने उपचार किया है.

एएफ़पी एजेंसी के अनुसार गिलात शालित के पिता ने अपने बेटे से कहा है कि वे धैर्य रखे और उम्मीद न खोए.

मध्यस्थता

इसराइल ने ग़ज़ा में सैनिक तैनात किए हुए हैं

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस बात की उम्मीद कम है कि इसराइल फ़लस्तीनी गुटों की नई माँगों का जबाव देगा.

नई शर्तों के बदले में फ़लस्तीनी गुटों ने इसराइली सैनिक को रिहा करने की बात नहीं की है.

उधर वार्ताकार इस संकट को सुलझाने की कोशिश में लगे हुए हैं. मिस्र की ख़ुफ़िया एजेंसी के प्रमुख दोनों पक्षों के साथ बात करने के लिए शनिवार को इलाक़े में आ रहे हैं.

फ़लस्तीनी गुटों के बयान में मध्यस्थों के अच्छे काम की बात कही गई है लेकिन इसराइल के राजनीतिक नेतृत्व पर सैन्य इकाई का काफ़ी दबाव है.

उधर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक में इसराइली और फ़लस्तीनी कूटनयिकों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए.

ये आपात बैठक अरब देशों के अनुरोध पर बुलाई गई थी. लेकिन इस बैठक में इसराइल के सैनिक अभियान की निंदा करने वाला प्रस्ताव पारित नहीं हो सका.

माना जा रहा है कि ऐसा अमरीका के विरोध के कारण हुआ.

फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री ने ग़ज़ा में इसराइल के अभियान की निंदा की है. उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई हमास के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने की एक साजिश है.

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