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इसराइल की ख़तरनाक कार्रवाई की धमकी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट ने चेतावनी दी है कि उनके सैनिक ग़ज़ा में फ़लस्तीनी चरमपंथियों के क़ब्ज़े से अपने सैनिक को छुड़ाने के लिए "किसी भी हद तक कार्रवाई" करने के लिए तैयार हैं. इस बीच इसराइली विमानों ने ग़ज़ा पट्टी में उस इलाक़े पर मिसाइलों से हमला किया है जहाँ पहले यहूदी बस्तियाँ थीं लेकिन अब हमास का प्रशिक्षण शिविर है. यह शिविर रफ़ा शहर के नज़दीक है. स्थानीय लोगों का कहना है कि एक मिसाइल ख़ाली पड़े प्रशिक्षण शिविर पर गिरा जबकि दूसरा पास के ख़ाली इलाक़े में गिरा. किसी के हताहत होने के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है. इससे पहले लगातार हवाई हमलों के बाद इसराइली सैनिक गज़ा क्षेत्र में प्रवेश कर गए और उन्होंने वहाँ एक अस्थाई शिविर भी स्थापित कर लिया है. दक्षिण गज़ा में स्थित पुराने हवाईअड्डे के पास खेतों में सैनिकों ने डेरा डाला है और यहाँ से वे 'निगरानी' कर रहे हैं. इसराइल का मानना है कि जिस सैनिक गिलाद शालित का अपहरण किया गया है, उसे गज़ा क्षेत्र में ही कहीं रखा गया है. इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट ने ग़ज़ा पट्टी में सैनिकों के दाख़िल होने के बाद यह बयान दिया है.
साल 2005 में ग़ज़ा क्षेत्र से इसराइली बस्तियाँ हटाए जाने के बाद से वहाँ यह सबसे बड़ी इसराइली सैनिकों की मौजदगी है. ओलमर्ट ने कहा कि अभियान जारी रहेगा हालाँकि उन्होंने ग़ज़ा इलाक़े पर फिर से क़ब्ज़ा करने की ख़बरों का खंडन किया. फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने ग़ज़ा में इसराइली सेना के घुसने की निंदा की है. उन्होंने इसे सामूहिक दंड की संज्ञा दी और इसे मानवता के ख़िलाफ़ एक अपराध बताया. फ़लस्तीनी चरमपंथियों का कहना है कि उन्होंने जिस इसराइली सैनिक को पकड़कर रखा है वहाँ तक इसराइली सेनाएँ नहीं पहुँच सकतीं.य अपहरण कुछ फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने रविवार को एक सैन्य चौकी पर हमला करके एक सैनिक का अपहरण कर लिया गया था. फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट 'पॉपुलर रिज़िस्टेन्स कमेटीस' नामक इस संगठन ने बुधवार को कहा है कि अगर इसराइली सैनिकों ने ग़ज़ा में घुसना बंद नहीं किया तो वे उस यहूदी को मार देंगे जिसे उन्होंने पकड़ रखा है. इस गुट एक प्रवक्ता अबू अबीर ने ग़ज़ा में एक पत्रकार सम्मेलन में यह बयान जारी कि और इलियाहू अशेरी नामक उस यहूदी का पहचान पत्र भी दिखाया जो रविवार के लापता है. 'पॉपुलर रिज़िस्टेन्स कमेटीस' का यह भी कहना कि अगवा किया गए इसराइली सैनिक को तब तक बंदी रहेगा जब तक उस गुट की शर्तें पूरी नहीं होती.
उनकी माँग है कि इसराइली क़ैद में फ़लस्तीनी महिलाओं और बच्चों को रिहा किया जाए लेकिन इसराइली प्रधानमंत्री इस माँग को ठुकरा चुके हैं. इसके बाद से इसराइल लगातार फ़लस्तीनी चरमपंथियों से सैनिक को वापस लौटाने की माँग कर रहा है और बड़ी कार्रवाई की चेतावनी देता रहा है. मंगलवार को इसराइल ने हमले शुरु भी कर दिए और कई हवाई हमले किए हैं. हालांकि इसराइल इसे सीमित कार्रवाई बता रहा है. इसराइल के अनुसार अभी बड़ी सैन्य कार्रवाई नहीं की गई है. शिविर बीबीसी संवाददाता एलन जॉन्सटन के अनुसार इसराइली सैनिक बुधवार की सुबह दक्षिणी गज़ा में टैंकों सहित प्रवेश कर गए. उन्होंने पुराने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास खेतों में डेरा डाल दिया है. ये हवाई अड्डा पिछले कई बरसों से काम में नहीं आ रहा है. अभी सैनिकों ने रफ़ा शहर में प्रवेश नहीं किया है. इसराइली सेना का कहना है कि अब तक सेना को किसी प्रतिरोध का सामना नहीं करना पड़ा है. इससे पहले इसराइली विमानों ने गज़ा शहर के दो प्रमुख पुलों पर हमला किया और एक बिजलीघर को उड़ा दिया जिससे आसपास के बड़े क्षेत्र में बिजली गुल हो गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें हवाई हमले के बाद, ज़मीनी कार्रवाई भी27 जून, 2006 | पहला पन्ना 'शर्त पूरी नहीं होती तो सैनिक बंदी रहेगा'27 जून, 2006 | पहला पन्ना कूटनीति को एक मौक़ा देने की अपील27 जून, 2006 | पहला पन्ना इसराइल को परोक्ष तौर पर मान्यता27 जून, 2006 | पहला पन्ना क़ैदियों की रिहाई से ओल्मर्ट का इनकार26 जून, 2006 | पहला पन्ना सूचना के बदले चरमपंथी गुटों की मांग26 जून, 2006 | पहला पन्ना गज़ा सीमा चौकी के पास गोलाबारी25 जून, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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