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सूचना के बदले चरमपंथी गुटों की मांग | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हमास समेत तीन फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों ने लापता इसराइली सैनिक के बारे में जानकारी देने के बदले इसराइली जेल में बंद फ़लस्तीनी महिलाओं को रिहा करने की मांग की है. इन चरमपंथी गुटों ने महिला क़ैदियों के अलावा उन बच्चों की रिहाई की भी मांग की है, जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम की है. मांग के संबंध में जारी इस बयान पर हमास, द पॉपुलर रिज़िस्टेन्स कमेटी और द इस्लामिक आर्मी के हस्ताक्षर हैं. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ ये तीनों संगठन उस हमले में शामिल थे, जिसके दौरान इसराइली सैनिक का अपहरण हुआ था. इसराइल ने चेतावनी दी है कि अगर उसके सैनिक को बिना किसी तरह के नुक़सान पहुँचाए जल्द ही रिहा नहीं किया गया, तो वह बड़ी कार्रवाई करेगा. इसराइल के प्रधानमंत्री ने कहा है कि ग़ज़ा में एक गुमशुदा इसराइली सैनिक की रिहाई के लिए व्यापक स्तर पर सैन्य कार्रवाई की जाएगी. एहुद ओल्मर्ट ने यरुशलम में एक भाषण में कहा, "मैं सबको ये स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि हम हर किसी तक पहुँचेगे चाहे वो कहीं भी हो." माना जा रहा है कि गिलाद शालित नाम के इसराइली सैनिक को ग़जा़ में बंधक बना लिया गया है. ख़बरों के मुताबिक ये अपहरण रविवार को ग़ज़ा के पास एक इसराइली नाके पर छापामार हमले के दौरान किया गया. फ़लस्तीनी पार्टी हमास की सशस्त्र इकाई ने इस छापे की ज़िम्मेदारी ली है. लेकिन किसी गुट ने ये नहीं कहा है कि बंधक के तौर पर उसके पास कोई इसराइली सैनिक है. गिलाद शालित को रिहा करवाने के काम में जुटे मिस्र के एक दल ने कहा है कि बंधक बनाने वालों के साथ उसका संपर्क हो गया है. गिलाद शालित के पास फ़्रांस और इसराइल की संयुक्त नागरिकता है. फ़्रांस ने कहा है कि वो भी इस समस्या को सुलझाने की ओर काम कर रहा है. छापामार हमला वर्ष 1994 के बाद से फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने किसी इसराइली सैनिक को नहीं पकड़ा था. हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार राष्ट्रपति महमूद अब्बास से इस अपहरण के बारे में बातचीत कर रही है. फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने इसराइली सैनिक को पकड़े जाने की आलोचना की है. हमास के राजनीतिक नेताओं ने इसराइली सैनिक के अपहरण के बारे में किसी जानकारी से इनकार किया है. इसराइली सैनिकों के मुताबिक रविवार को सात या आठ बंदूकधारियों ने उनके टैंक पर ग्रेनेड से हमला किया था. इसराइली सेना के बयान के मुताबिक इस हमले में 20 वर्षीय दो सैनिक मारे गए हैं. हमास की सैन्य इकाई ने कहा है कि इसराइली सैनिक के कथित अपहरण के बारे में उन्हें मीडिया से पता चला है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि नाके पर छापामार कार्रवाई फ़लस्तीनी और इसराइली पक्ष के बीच तनाव में और बढ़ोत्तरी को दर्शाती है. | इससे जुड़ी ख़बरें सैनिक की रिहाई है प्राथमिकता: इसराइल 25 जून, 2006 | पहला पन्ना गज़ा सीमा चौकी के पास गोलाबारी25 जून, 2006 | पहला पन्ना 'निर्दोष फ़लस्तीनीयों की मौत की जाँच'22 मई, 2006 | पहला पन्ना ग़ज़ा में ख़ुफ़िया सेवा मुख्यालय में धमाका20 मई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमले में चार की मौत20 मई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हवाई हमले में पांच मरे05 मई, 2006 | पहला पन्ना हमास और फ़तह 'सहमति के क़रीब' हैं19 जून, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनियों को सहायता देने पर सहमति17 जून, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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