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मंगलवार, 27 जून, 2006 को 14:09 GMT तक के समाचार
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इसराइल को परोक्ष तौर पर मान्यता
अब्बास-हानिया
राष्ट्रपति अब्बास ने जनमत संग्रह की धमकी दे कर प्रधानमंत्री हानिया पर दबाव बना दिया था
ग़ज़ा से मिल रही ख़बरों के अनुसार फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास ने उस दस्तावेज़ पर अपनी सहमति दे दी है जिसमें द्विराष्ट्र सिद्धांत, यानि इसराइल और फ़लस्तीनी राष्ट्र के सहअस्तित्व, को मान्यता दी गई है.

अभी तक प्रतिद्वंद्वी फ़लस्तीनी घटकों फ़तह और हमास में इसराइल को मान्यता देने के नाम पर सहमति नहीं थी.

इसराइल की जेलों में बंद वरिष्ठ फ़लस्तीनी नेताओं द्वारा तैयार दस्तावेज़ पर दोनों फ़लस्तीनी गुटों के बीच कई हफ़्तों से बातचीत चल रही थी.

इससे पहले फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने धमकी दी थी कि हमास ने दस्तावेज़ पर अपनी सहमति नहीं दी तो वह इस मुद्दे पर जनमत संग्रह कराने को बाध्य हो जाएँगे.

सहमति

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार हमास प्रवक्ता समी अबू ज़ुहरी ने मंगलवार को कहा, "हम क़ैदियों के प्रस्ताव के सभी बिंदुओं पर सहमत हैं."

जनवरी में हुए चुनाव के बाद फ़लस्तीनी प्रशासन पर नियंत्रण करने वाले हमास ने कभी भी इसराइल को मान्यता नहीं दी है, इसलिए दस्तावेज़ पर वह सहमति नहीं दे रहा था.

हमास का हमेशा यही रुख़ रहा है कि इसराइल का निर्माण फ़लस्तीनियों से छीनी गई ज़मीन पर किया गया है. इतना ही नहीं हमास ने हमेशा इसराइल के विध्वंस की बात की है.

दूसरी ओर इसराइल ने पहले ही स्पष्ट कर रखा है कि प्रतिद्वंद्वी फ़लस्तीनी गुटों में होने वाली किसी तरह की सहमति का उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

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