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शनिवार, 10 जून, 2006 को 09:54 GMT तक के समाचार
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'जनमत-संग्रह का कोई मतलब नहीं'
इसमाइल हानिया और महमूद अब्बास
इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के बीच वार्ता की बड़ी तस्वीर के संदर्भ में देखें तो जनमत-संग्रह का कोई मतलब नहीं: ओल्मर्ट
इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओल्मर्ट ने फ़लस्तीनी क्षेत्रों में प्रस्तावित जनमत-संग्रह को निरर्थक कहते हुआ उसे परस्पर विरोधी फ़लस्तीनी संगठनों की गुटबाज़ी की संज्ञा दी है.

उनका कहना था कि यदि इसे इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के बीच वार्ता की बड़ी तस्वीर के संदर्भ में देखा जाए तो इसका कोई मतलब ही नहीं है.

जनमत-संग्रह का प्रस्ताव फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने रखा है ताकि चरमपंथी संगठन हमास और फ़तह समान नीतियों पर सहमत हो सकें.

कुछ महीने पहले फ़लस्तीनी प्राधिकरण के चुनावों में चरमपंथी संगठन हमास की जीत के बाद हमास की सशस्त्र शाखा और फ़तह गुट के बीच तनाव चल रहा है.

फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने इसराइल के साथ-साथ फ़लस्तीनी राष्ट्र के अस्तित्व को लेकर जनमत संग्रह करवाने पर फ़ैसला करने के लिए हमास को सप्ताहांत तक का समय दिया था.

फ़लस्तीनी मुक्ति संगठन यानी पीएलओ, पहले ही फ़लस्तीनी नेता अब्बास के जनमत-संग्रह के प्रस्ताव को अपनी सहमति दे चुका है.

इस नए शांति प्रस्ताव में फ़लस्तीनी राष्ट्र के मुद्दे पर जनमत संग्रह तो होगा ही लेकिन इससे परोक्ष रूप से इसराइल को एक अलग देश के रूप में मान्यता भी मिल सकती है जिसका हमास विरोध कर रहा है.

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