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'इसराइल को मान्यता देने से फिर इनकार' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हमास के नेतृत्व में गठित फ़लस्तीनी सरकार ने कहा है कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ मिल-जुल कर स्वतंत्र रूप से रहना चाहती है. सरकार गठन के बाद संयुक्त राष्ट्र को भेजे अपने पहले आधिकारिक पत्र में फ़लस्तीनी विदेश मंत्री ने ये बात कही है. लेकिन हमास ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य मध्यस्थों की अपील को ठुकराते हुए इसराइल को मान्यता देने से इनकार कर दिया है. इस साल जनवरी में हमास ने फ़लस्तीन में हुए चुनाव में जीत हासिल की थी. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान को लिखे पत्र में फ़लस्तीनी विदेश मंत्री महमूद ज़हर ने कहा कि इसराइल की नीतियों के कारण शांति की उम्मीद ख़त्म हो जाएगी. अमरीका, संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और रूस ने जो रोड मैप बनाया है, उसमें इसराइल और फ़लस्तीन राष्ट्र की बात कही गई है जो साथ-साथ शांतिपूर्वक रहें. अधिकार फ़लस्तीनी विदेश मंत्री महमूद ज़हर ने अन्नान को भेजे पत्र में लिखा है कि वो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करके फ़लस्तीनियों के लिए एक स्वतंत्र देश पाने का अधिकार हासिल करना चाहेंगे.
उन्होंने इसराइल की ज़मीन पर क़ब्ज़ा करने की कथित गैरक़ानूनी साम्राज्यवादी नीतियों का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि इससे दो देश बनाकर समस्या का समाधान करने और इलाक़े में शांति क़ायम करने की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है. इस समाधान का ख़ाका अंतरराष्ट्रीय समुदाय के मध्यस्थों ने तय किया था, जिसके तहत दो अलग देशों - इसराइल और फ़लस्तीन का गठन करना - शांति योजना का मक़सद था. लेकिन चरमपंथी संगठन हमास बार-बार इसराइल के अस्तित्त्व को मान्यता देने से इनकार करता रहा. अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हमास के नेतृत्व वाली नई फ़लस्तीनी सरकार से कहा है कि वो अपना रुख़ बदले, पिछले समझौतों पर अमल करे और हिंसा का रास्ता छोड़ दे. महमूद ज़हर ने कहा कि उनकी सरकार इस बारे में बातचीत के लिए तैयार है और अपने पड़ोसियों के साथ शांति से रहना चाहती है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा है कि इस पत्र को बारीक़ी से पढ़ा जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें हानिया ने फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री पद संभाला30 मार्च, 2006 | पहला पन्ना हमास को आर्थिक सहायता की गारंटी नहीं30 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ग़ज़ा में खाद्य संकट पर आपात बैठक19 मार्च, 2006 | पहला पन्ना अब्बास करेंगे हानिया मंत्रिमंडल पर विचार19 मार्च, 2006 | पहला पन्ना फ़तह नहीं शामिल होगा हमास की सरकार में17 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'फ़लस्तीनी जनता का अपमान हुआ है'16 मार्च, 2006 | पहला पन्ना जेरिको बंदियों से पूछताछ15 मार्च, 2006 | पहला पन्ना अब्बास का यात्रा छोड़ लौटने का फ़ैसला15 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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