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ग़ज़ा में खाद्य संकट पर आपात बैठक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी शहर ग़ज़ा में खाने-पीने के सामान की किल्लत को रोकने के लिए इसराइली और फ़लस्तीनी अधिकारियों की एक आपात बैठक हुई है. यह बैठक इसराइल में अमरीकी राजदूत के घर पर हुई है. संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी डेविड शीयरर ने बीबीसी से कहा, "लोग आज रात भूखे सोएंगे. अगर भोजन सामग्री तुरंत नहीं आती है तो इस संकट का कोई अंत नज़र नहीं आता." इसराइल ने कहा है कि उसने सुरक्षा चिंताओं की वजह से किरनी चौकी को बंद कर दिया था. किरनी सीमा चौकी से होकर ही विदेशों से राहत सामग्री फ़लस्तीनी क्षेत्र में आती है. यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब फ़लस्तीनी संगठन हमास ने नई सरकार बनाने के लिए अपने मंत्रियों की सूची मंज़ूरी के लिए महमूद अब्बास को सौंपी है. मुख्य फ़लस्तीनी वार्ताकार साएब इराकात ने बताया कि किरनी चौकी खोलने के मुद्दे पर आगे और बातचीत होगी. इराकात ने कहा है कि करेम शेलॉम में भी वैकल्पिक चौकी खोलने पर बातचीत होगी. फ़लस्तीनियों ने पहले इस चौकी को खोले जाने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि यह बहुत छोटी है. इसराइली और अमरीकी अधिकारियों की तरफ़ से इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं दी गई है. स्थिति गंभीर संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी ने कहा है कि किरनी चौकी को बंद करने के मतलब है कि एक मानवीय संकट हर दिन और नज़दीक आता जा रहा है. ग़ज़ा में लगभग 13 लाख लोग रहते हैं जिनमें से लगभग आधे बच्चे हैं.
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अधिकारी डेविड शीयरर ने कहा कि ग़ज़ा में आटा वग़ैरा नहीं पहुँचने की वजह से रोटियाँ बनाने वाली दुकानें बंद होती जा रही हैं और लोगों के पास खाने के लिए कुछ नहीं बचा है. इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच किरनी सीमा चौकी पर विवाद चलता रहता है. वर्ष 2005 में अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने समझौता कराया था कि इसराइल इस चौकी को केवल 'आपात सुरक्षा ख़तरों' की स्थिति में ही बंद करेगा. लेकिन वर्ष 2006 शुरू होने के बाद से अभी तक यह चौकी सिर्फ़ कुछ ही दिन के लिए खोली गई है जिससे खाने-पीने का सामान कम पड़ता जा रहा है. कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इसराइल फ़लस्तीनी चुनावों में हमास की जीत के लिए सज़ा के तौर पर ग़ज़ा के लोगों को यह दंड दे रहा है जबकि इसराइल इससे इनकार करते हुए कहता है कि उसके सामने गंभीर सुरक्षा ख़तरा दरपेश है. इसराइली विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क रीगेव ने कहा, "हम चाहते हैं कि किरनी सीमा चौकी जितना जल्दी हो सके, काम करना शुरू कर दे. किरनी को सिर्फ़ एक कारण से बंद किया गया है और वो है ठोस आतंक चेतावनी." ग़ौरतलब है कि जनवरी 2006 में हुए संसदीय चुनाव में हमास को सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुत मिला है. | इससे जुड़ी ख़बरें अब्बास करेंगे हानिया मंत्रिमंडल पर विचार19 मार्च, 2006 | पहला पन्ना फ़तह नहीं शामिल होगा हमास की सरकार में17 मार्च, 2006 | पहला पन्ना हमास ने छीने अब्बास के नए अधिकार06 मार्च, 2006 | पहला पन्ना अब्बास ने दी पद छोड़ने की चेतावनी26 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना हमास को लेकर अब्बास ने दी चेतावनी26 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना हानिया को सरकार बनाने का न्यौता21 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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