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हमास को आर्थिक सहायता की गारंटी नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों ने हमास के नेतृत्व में बनी नई फ़लस्तीनी सरकार को चेतावनी दी है कि उसने इसराइल को मान्यता नहीं दी तो उसे मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद हो सकती है. फ़लस्तीनी प्रशासन को सहायता देने वाले अमरीका, यूरोपीय संघ, रूस और संयुक्त राष्ट्र ने हमास से हिंसा का त्याग करने को भी कहा है. एक साझा बयान में इन देशों और संगठनों ने नए फ़लस्तीनी प्रशासन से अहिंसा का रास्ता अपनाने, इसराइल को मान्यता देने और पुराने समझौतों का पालन करने को कहा है. बयान में कहा गया, "भविष्य में कोई भी सहायता इन सिद्धांतों को लेकर फ़लस्तीनी प्रशासन की प्रतिबद्धता को देख कर ही दी जाएगी." विदेशी सहायता पर निर्भरता फ़लस्तीनी प्रशासन पूरी तरह से विदेशी सहायता पर ही निर्भर करता है. वर्ष 1994 में प्रशासन की स्थापना के बाद से यूरोपीय संघ और अमरीका ने उसे हर साल क़रीब एक अरब डॉलर की आर्थिक सहायता दी है. संसदीय चुनाव में इस्लामी चरमपंथी संगठन हमास की जीत के बाद से ही फ़लस्तीनी प्रशासन को मिलने वाली विदेश सहायता को लेकर आशंका बढ़ गई है. उल्लेखनीय है कि बुधवार को कनाडा ने फ़लस्तीनी प्रशासन से संपर्क तोड़ने और उसे आर्थिक सहायता बंद करने की घोषणा की. | इससे जुड़ी ख़बरें हानिया ने फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री पद संभाला30 मार्च, 2006 | पहला पन्ना अब्बास करेंगे हानिया मंत्रिमंडल पर विचार19 मार्च, 2006 | पहला पन्ना फ़तह नहीं शामिल होगा हमास की सरकार में17 मार्च, 2006 | पहला पन्ना अब्बास ने दी पद छोड़ने की चेतावनी26 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना हानिया को सरकार बनाने का न्यौता21 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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