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शनिवार, 10 जून, 2006 को 14:38 GMT तक के समाचार
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जनमत संग्रह कराया ही जाएगा: अब्बास
महमूद अब्बास
जनमत संग्रह 26 जुलाई के लिए निर्धारित है
फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि फ़लस्तीनी राष्ट्र के अस्तित्व के मुद्दे पर जनमत संग्रह कराने की योजना पर अमल करेंगे.

26 जुलाई को निर्धारित इस जनमत संग्रह में फ़लस्तीनियों से पूछा जाएगा कि क्या वे इसके पक्ष में हैं कि इसराइल के साथ झगड़े का हल -- दो अलग राष्ट्र यानि फ़लस्तीन और इसराइल बनाकर किया जा सकता है.

महमूद अब्बास और हमास के प्रतिनिधियों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हुई जिसमें कोई समझौता नहीं हो सका.

ग़ौरतलब है कि फ़लस्तीनी प्रशासन में इस समय हमास की सरकार है. हमास वैचारिक तौर पर इसराइल के वजूद को मान्यता नहीं देता है.

इससे पहले इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओल्मर्ट ने फ़लस्तीनी क्षेत्रों में प्रस्तावित जनमत-संग्रह को निरर्थक कहते हुआ उसे परस्पर विरोधी फ़लस्तीनी संगठनों की गुटबाज़ी की संज्ञा दी थी.

महमूद अब्बास ने शनिवार को कहा कि अब यह फ़लस्तीनी लोगों पर निर्भर है कि वे क्या फ़ैसला करते हैं और उनकी भविष्य की स्थिरता इसी फ़ैसले पर टिकेगी.

इस जनमत संग्रह के ज़रिए महमूद अब्बास ऐसा दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिससे हमास और फ़तह कुछ मिली-जुली नीतियाँ बना सकें यानी ऐसी नीतियाँ जिन पर दोनों की सहमति हो सके.

जनमत संग्रह कराने के लिए जो कारण पेश किए जा रहे हैं उनका ब्यौरा विभिन्न संगठनों के उन फ़लस्तीनियों से सलाह करके तैयार किया गया है जो इसराइली जेलों में बंद हैं.

जनमत संग्रह में गिनाए गए इन कारणो में एक राष्ट्रीय एकता वाली सरकार भी है और फ़लस्तीनी राष्ट्र के निर्माण के साथ-साथ इसराइल के वजूद को भी मान्यता देना है.

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