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'शर्त पूरी नहीं होती तो सैनिक बंदी रहेगा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट 'पॉपुलर रिज़िस्टेन्स कमेटीस' का कहना कि अगवाह किया गया इसराइली सैनिक तब तक बंदी रहेगा जब तक उस गुट की शर्तें पूरी नहीं होती. इसराइली सैनिक को रविवार को ग़ज़ा की सीमा के पास एक सैनिक चौकी पर हमला के बाद अगवा किया गया था. उस हमले में दो इसराइली सैनिक और दो चरमपंथी मारे गए थे. अपहरण के बाद पहली बार इस गुट ने इसराइली सैनिक के बारे में कोई जानकारी देते हुए कहा है कि सैनिक को एक सुरक्षित स्थान पर रखा गया है. इससे पहले तीन फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों ने सैनिक के बारे में जानकारी के लिए क़ैद फ़लस्तीनी महिलाओं और बच्चों की रिहाई की माँग की थी. लेकिन इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने सैनिक के बारे में जानकारी के बदले फ़लस्तीनी क़ैदियों को रिहा करने से साफ़ इनकार कर दिया है. उन्होंने सेना को सतर्क कर दिया है और बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करने की धमकी देते हुए कई टैंक इसराइल की सीमा पर जमा किए हैं. लेकिन अमरीका ने इसराइल को चेतावनी दी है कि वह सैनिक कि रिहाई के लिए हिंसा का इस्तेमाल न करे. | इससे जुड़ी ख़बरें सैनिक की रिहाई है प्राथमिकता: इसराइल 25 जून, 2006 | पहला पन्ना गज़ा सीमा चौकी के पास गोलाबारी25 जून, 2006 | पहला पन्ना 'निर्दोष फ़लस्तीनीयों की मौत की जाँच'22 मई, 2006 | पहला पन्ना ग़ज़ा में ख़ुफ़िया सेवा मुख्यालय में धमाका20 मई, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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