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इसराइली सेना उत्तरी गज़ा में भी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अपने अपहृत सैनिक को छुड़ाने के लिए इसराइली सेना ने गज़ा क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई तेज़ कर दी है और थलसेना अब गज़ा के उत्तरी भाग में भी प्रवेश कर चुकी है. फ़लस्तीनी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसराइली टैंकों ने बेत हैनॉन शहर के पास से गज़ा के उत्तरी भाग में प्रवेश किया है. फ़लस्तीनी प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सेना ने फ़लस्तीनी प्रशासन के इलाक़े में प्रवेश कर लिया है लेकिन इसराइली सेना ने इसका खंडन किया है. इससे पहले बुधवार को सेना दक्षिणी गज़ा में घुस चुकी थी और वहाँ अस्थाई शिविर स्थापित कर लिया था और इसराइली विमानों ने दिन भर गज़ा क्षेत्र में हमले जारी रखे. हमास नेता और फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया ने जहाँ संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. वहीं अमरीका ने इसराइली सैन्य कार्रवाई की निंदा करने से इनकार कर दिया है. उल्लेखनीय है कि पिछले रविवार को एक सैन्य चौकी पर हमला करने के बाद फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने एक इसराइली सैनिक गिलाद शालित का अपहरण कर लिया था. चरमपंथी माँग कर रहे हैं कि इसराइल जेलों में क़ैद महिलाओं और बच्चों को रिहा करे तभी वे सैनिक को छोड़ेंगे. लेकिन इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने इसे सिरे से ख़ारिज कर दिया है. कार्रवाई इसराइली थलसेना टैंकों सहित बुधवार से ही दक्षिणी गज़ा क्षेत्र में थी और गुरुवार को प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है कि सेना उत्तरी गज़ा में भी प्रवेश कर चुकी है.
प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट पहले ही कह चुके हैं कि इसराइली सेना अपने सैनिक को छुड़ाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. बुधवार को इसराइली विमानों ने रफ़ा शहर के नज़दीक उन ठिकानों पर हमले किए जहाँ पहले यहूदी बस्तियाँ थीं लेकिन अब वहाँ कथित तौर पर चरमपंथियों का प्रशिक्षण शिविर चलता है. इस बीच इसराइल ने फ़लस्तीनी प्रशासन की सरकार के कम से कम दस मंत्रियों सहित कई राजनीतिक नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया है. इसमें उपप्रधानमंत्री नसीर शायर और चार कैबिनेट मंत्री शामिल हैं. रामल्ला में कार्रवाई के दौरान इन राजनीतिज्ञों को गिरफ़्तार किया गया है. हस्तक्षेप की अपील इस बीच हमास नेता और फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वह इस मामाले में हस्तक्षेप करे.
मीडिया में जारी किए गए अपने बयान में हानिया ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र को फ़लस्तीनी लोगों की रक्षा के लिए क़दम उठाना चाहिए. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अमरीका ने इसराइली कार्रवाई को हरी झंडी दिखाई है. लेकिन अमरीकी प्रशासन इसराइली सैन्य कार्रवाई पर टिप्पणी करने के लिए बहुत एहतियात के साथ टिप्पणी कर रहा है. राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के प्रवक्ता ने इस कार्रवाई की निंदा करने से इंकार किया है और कहा है कि इसराइल को अपनी रक्षा में क़दम उठाने का हक़ है. हालांकि अमरीका ने इसराइल से अपील की है कि वो निर्दोष आम नागरिकों को नुक़सान न पहुँचाए. | इससे जुड़ी ख़बरें हमास और ख़ालिद मशाल की मुश्किल28 जून, 2006 | पहला पन्ना इसराइल की ख़तरनाक कार्रवाई की धमकी28 जून, 2006 | पहला पन्ना कूटनीति को एक मौक़ा देने की अपील27 जून, 2006 | पहला पन्ना हवाई हमले के बाद, ज़मीनी कार्रवाई भी27 जून, 2006 | पहला पन्ना सूचना के बदले चरमपंथी गुटों की मांग26 जून, 2006 | पहला पन्ना सैनिक की रिहाई है प्राथमिकता: इसराइल 25 जून, 2006 | पहला पन्ना गज़ा सीमा चौकी के पास गोलाबारी25 जून, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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