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इसराइल ने समयसीमा ठुकराई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल ने फ़लस्तीनी चरमंपथी गुटों के उस अल्टीमेटम को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपनी मांग पूरा करने के लिए मंगलवार सुबह तक का समय दिया है. एक इसराइली सैनिक को अगवा करने वाले इन फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों ने सैनिक की रिहाई के बदले इसराइली जेल से फ़लस्तीनी महिला क़ैदियों और बच्चों को रिहा करने की मांग की है. इन चरमपंथी गुटों ने इसराइल को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो उसे इसका गंभीर नतीजा भुगतना होगा. लेकिन इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने अल्टीमेटम को ख़ारिज कर दिया. उन्होंने सैनिक की रिहाई के लिए किसी तरह की बातचीत से भी इनकार कर दिया. इसराइल का कहना है कि अगर उसके सैनिक की सुरक्षित रिहाई नहीं हुई तो वह हमास सरकार के ठिकाने को निशाना बनाता रहेगा. इस बीच इसराइली सैनिकों के एक छोटी टुकड़ी टैंकों के साथ उत्तरी ग़ज़ा में घुस गई है. इसराइली सेना का कहना है कि विस्फोटकों को ढूँढ़ने के लिए उन्होंने ये सीमित कार्रवाई की थी. हमला इसराइली सैनिकों ने इस इलाक़े में एक फ़लस्तीनी चरमपंथी को गोली मार दी. इसराइली सैनिक बड़ी संख्या में ग़ज़ा की सीमा पर डटे हुए हैं. पिछले कुछ दिनों से ग़ज़ा पर हवाई हमला भी जारी है.
रविवार की रात इसराइली सेना ने एक इमारत पर मिसाइल से हमला किया. सेना का कहना है कि इस इमारत में चरमपंथी रह रहे थे. फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों ने अल्टीमेटम वाला अपना बयान समाचार एजेंसियों को फ़ैक्स किया है. जिसमें उन्होंने इसराइल को स्थानीय समय के मुताबिक़ मंगलवार सुबह छह बजे तक का समय दिया है. चरमपंथी गुटों ने अपने बयान में कहा है कि अगर इसराइल ने उनकी मांगे नहीं मानी, तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया है कि वे क्या करेंगे. चरमपंथी गुटों ने अपनी मांग में इसराइली जेल में बंद सभी फ़लस्तीनी महिला क़ैदियों और बच्चों को रिहा करने की मांग की ती. बाद में उन्होंने एक हज़ार अरब क़ैदियों की रिहाई की भी मांग रखी. | इससे जुड़ी ख़बरें चरमपंथी गुटों ने नई माँगे रखीं01 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना 'अभियान सरकार को गिराने की साजिश'30 जून, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना ने फ़लस्तीनी मंत्री पकड़े29 जून, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना उत्तरी गज़ा में भी29 जून, 2006 | पहला पन्ना हमास और ख़ालिद मशाल की मुश्किल28 जून, 2006 | पहला पन्ना इसराइल की ख़तरनाक कार्रवाई की धमकी28 जून, 2006 | पहला पन्ना कूटनीति को एक मौक़ा देने की अपील27 जून, 2006 | पहला पन्ना हवाई हमले के बाद, ज़मीनी कार्रवाई भी27 जून, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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