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लेबनान की समुद्री और हवाई नाकेबंदी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल ने अपने दो सैनिकों को छुड़ाने की कार्रवाई के तहत लेबनान की समुद्री और हवाई नाकेबंदी कर दी है और हवाई हमलों के साथ-साथ ज़मीनी गोलीबारी भी जारी है. दक्षिणी लेबनान में हुए इन हमलों में अबतक लगभग 50 लोग मारे गए हैं. इससे पहले इसराइली सेनाओं ने लेबनान पर हमले तेज़ करते हुए राजधानी बेरुत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की विमान पट्टी को रॉकेटों से निशाना बनाया जिसके बाद यह हवाई अड्डा बंद कर दिया गया और विमानों की उड़ान का रास्ता बदल दिया गया. जैसे ही विमान पट्टी पर इसराइली हमला शुरू हुआ, हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हवाई अड्डा बंद करने की घोषणा की और बताया कि निर्धारित समय पर आ रही उड़ानों का रास्ता बदलकर उन्हें साइप्रस की ओर रवाना कर दिया गया है. इन हमलों के बारे में इसराइली विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क रेगेव का कहना है, "इसराइल में लेबनानी हमला हुआ है. हम उसी का उत्तर दे रहे हैं. यह बिल्कुल साफ़ है कि किसने ये सब शुरू किया है. यह भी स्पष्ट है कि मौज़ूदा संकट के लिए कौन ज़िम्मेवार है. कौन हमलावर है, यह बिल्कुल साफ़ है." दूसरी ओर फ़लस्तीनी विदेश मंत्री महमूद ज़ाहर का कहना है कि लेबनान में हिज़बुल्ला ने और ग़ज़ा में हमास ने इसराइली सैनिकों को बंधक बनाने का फ़ैसला इसलिए किया क्योंकि इसराइल क़ैदियों को रिहा करने के अपने वायदे से मुकर रहा था. ज़ाहर ने कहा कि संकट को और गहराने से रोकने के लिए इसराइल को क़ैदियों की अदला-बदली करने के लिए बातचीत करनी होगी. प्रतिक्रिया अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने लेबनान में ताज़ा स्थिति पर आरंभिक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि अमरीका मध्य पूर्व में शांति को बढ़ावा देना चाहता लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर यह भी कहा कि इसराइल को आत्मरक्षा का अधिकार है. फ्रांस और रूस ने लेबनान पर इसराइली हवाई हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि उसने ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग किया है. फ्रांस के विदेश मंत्री फिलिप डी ब्लेज़ी ने कहा कि इससे हिंसा का सिलसिला शुरू हो सकता है जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता होने का ख़तरा बढ़ सकता है. रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा है कि इसराइल ने फ़लस्तीनी क्षेत्रों और लेबनान में जन सुविधाओं के ढाँचे को जो नुक़सान पहूँचाया है वो न्यायसंगत नहीं है. मसला ग़ौरतलब है कि लेबनान के दक्षिणी हिस्से में सक्रिय हिज़बुल्ला संगठन ने गत मंगलवार को इसराइल के दो सैनिकों को पकड़ लिया था. इसराइली सेनाओं ने बेरूत के दक्षिणी इलाक़े में स्थित हिज़बुल्ला के एक टेलीविज़न चैनल अल मनार पर भी हमला किया. इसराइली सेना ने कहा है कि उसने लेबनान की नौसैनिक घेराबंदी कर दी है.
बुधवार को इस लड़ाई में इसराइल के आठ सैनिक मारे गए और दो घायल हो गए. हाल के वर्षों में लेबनान सीमा पर इसराइल का यह काफ़ी बड़ा नुक़सान है. इस बीच हिज़बुल्ला ने नहारिया और सफ़ेद इसराइली शहरों पर रॉकेट दागे हैं जिनमें दो लोगों की मौत हो गई और अनेक घायल हुए हैं. ख़बरों में कहा गया है कि स्थानीय निवासी बंकरों में जा रहे है या इलाक़ा छोड़कर ही जाने लगे हैं. बेरुत हवाई अड्डा ही लेबनान का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है और ये लेबनान की राजधानी में हिज़बुल्ला के नियंत्रण वाले इलाक़े में स्थित है. इसराइल ने कहा कि उसके दो सैनिकों को हिज़बुल्ला ने जो पकड़ा है उसके लिए वह लेबनान सरकार को ज़िम्मेदार ठहराता है और लेबनान की नाकेबंदी इसलिए की गई है ताकि वहाँ हथियार नहीं लाए जा सकें. | इससे जुड़ी ख़बरें ग़ज़ा पट्टी में युद्धविराम की पेशकश08 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल को मंगलवार तक का समय03 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अगवा किया गया 'सैनिक जीवित है'04 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना ग़ज़ा में बड़ी सैनिक कार्रवाई को हरी झंडी05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमले में 22 फ़लस्तीनी मरे, संघर्ष जारी06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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