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ग़ज़ा पट्टी में युद्धविराम की पेशकश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया ने ग़ज़ा पट्टी में इसराइली सेना और फ़लस्तीनियों के बीच चल रही लड़ाई को रोकने का आहवान किया है. हानिया के दफ़्तर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया है, "मौजूदा संकट से उबरने का एक मात्र रास्ता यही है कि सभी पक्ष शांति और धैर्य से काम लें और अपनी आक्रामक गतिविधियाँ रोकें." लेकिन इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट ने इस पेशकश को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि फ़लस्तीनी चरमपंथियों को पहले उस इसराइली सैनिक गिलाद शालित को छोड़ना होगा जिसे उन्होंने बंधक बना रखा है. हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार ने इसराइल से यह भी अनुरोध किया है कि इसराइली सैनिक शालित के बारे में बातचीत शुरू की जाए. लेकिन एहूद ओलमर्ट के कार्यालय में अधिकारियों ने कहा कि इसराइली सरकार संघर्षविराम के समझौते पर तब तक राज़ी नहीं होगी जब तक कि पहले शालित को रिहा नहीं किया जाता. इससे पहले इसराइल ने कहा था कि उसके सैनिक उत्तरी ग़ज़ा में अपने ठिकानों से हटकर देश की सीमा के अंदर आ गए हैं. इसराइली सेना ने शनिवार को फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा में एक नए ठिकाने पर हमले किए जिनमें फ़लस्तीनी अस्पताल सूत्रों के अनुसार कम से कम दो फ़लस्तीनियों की मौत हो गई. उधर इसराइली सेना ने कहा कि उसके सैनिक फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा के उत्तरी इलाक़े में अपने ठिकानों से हट गए हैं और सीमा पार करके इसराइली क्षेत्र में आ गए हैं. इससे पहले ग़ज़ा में दो दिन तक भारी लड़ाई हुई जिसमें लगभग तीस फ़लस्तीनी मारे गए जिनमें कुछ आम लोग थे. लड़ाई में एक इसराइली सैनिक भी मारा गया है. ग़ज़ा में एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इसराइली सेनाओं ने ग़ज़ा से हटने का फ़ैसला किन परिस्तिथियों में किया लेकिन इससे तनाव ज़रूर कम होगा.
ग़ज़ा के दक्षिणी और पूर्वी इलाक़ों में इसराइली सैनिक अब भी तैनात हैं जहाँ फ़लस्तीनी बंदूकधारियों के साथ उनकी लड़ाई हुई है. ताज़ा लड़ाई ग़ज़ा और इसराइल के बीच मुख्य चुंगी करनी के निकट होने की ख़बरें मिली हैं. फ़लस्तीनी अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि इस लड़ाई में दो फ़लस्तीनियों की मौत हुई है. इसराइली सेनाओं ने लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की मदद से गज़ा के करनी व्यावसायिक इलाके पर हमला किया है. इस बीच यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव कोफी अन्नान ने आरोप लगाया है कि इसराइली सेना फलस्तीनियों के ख़िलाफ जरूरत से ज़्यादा सैन्य बल का इस्तेमाल कर रही है. सीमा चौकी फलस्तीनी अधिकारियों और डॉक्टरों के मुताबिक ताज़ा हमला हमास का मजबूत गढ़ कहे जाने वाले करनी क्रॉसिंग के पास हुआ है. उन्होंने बताया कि इसराइली सेना टैंक और बख्तरबंद गाड़ियों के साथ पूर्वी शेजाया के रास्ते गज़ा में घुसी. इसराइली सेना के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी रायटर को बताया कि दोनों ओर से गोलीबारी हुई है लेकिन इसे बड़ी सैन्य कार्रवाई नहीं कहा जा सकता. पिछले कुछ दिनों मे इसराइली सेना के हमले में लगभग 30 लोग मारे गए हैं. इससे पूर्व हमास ने इस बात की पुष्टि कर दी कि कैप्टन शालित जीवित है और उसके साथ मानवीय वर्ताव किया जा रहा है. हमास ने इसराइली जवान को छोड़ने के बदले जो शर्तें रखी थी उसमें अब कुछ नरमी दिख रही है. हमास ने इसराइली जेलों में बंद फलस्तीनी महिलाओं और बच्चों को छोड़ने की मांग की है. पहले वह फलस्तीनी चरमपंथियों की रिहाई की भी मांग कर रहा था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'गज़ा में सेना का अनुपातहीन उपयोग'07 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना ग़ज़ा में भारी लड़ाई, 22 फ़लस्तीनी मरे06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना सैनिक को रिहा करने की अपील07 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना हानिया की अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपील07 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल ने फिर किया हवाई हमला07 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अगवा किया गया 'सैनिक जीवित है'04 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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