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'गज़ा में सेना का अनुपातहीन उपयोग' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने इसराइल पर आरोप लगाया है कि वह गज़ा पट्टी में सेना का अनुपातहीन उपयोग कर रहा है. कड़े शब्दों वाले अपने इस बयान में कोफ़ी अन्नान ने इसराइलियों से और फ़लस्तीनियों, दोनों से कहा है कि क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के हित में वह अपनी सेनाएँ वापस लौटाएँ. इससे पहले फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने चरमपंथियों से कहा था कि वे बंधक बनाए गए इसराइली सैनिक को छोड़ दें और इसराइल पर रॉकेट दागना बंद कर दें. उल्लेखनीय है कि 25 जून को फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने एक इसराइली सैनिक को बंधक बना लिया था और उसी को छुड़ाने के लिए इसराइली सेना ने गज़ा में प्रवेश किया है. तब से इसराइली सेना ने लगातार हमले जारी रखे हैं. चिंता बीबीसी संवाददाता, रिचर्ड गैलपिन का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव के इस तीखे बयान से इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि उसे गज़ा में इसराइली कार्रवाई की कितनी चिंता है. कोफ़ी अन्नान ने तुरंत ही सैन्य कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए हैं. लेकिन साथ ही उन्होंने फ़लस्तीनी चरमपंथियों से इसराइली क्षेत्र में राकेट न दागने की अपील करते हुए कहा है कि बंधक बनाए गए सैनिक को भी रिहा कर देना चाहिए. इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सुरक्षा परिषद से कहा है कि वह परिस्थियों का ठीक तरह से जायज़ा ले. गुरुवार को क़तर की ओर से एक प्रस्ताव पेश किया गया था. इस प्रस्ताव में गज़ा में बड़ी सैन्य कार्रवाई की निंदा की गई थी. हालांकि अमरीका और फ़्रांस ने इस प्रस्ताव की ही निंदा की है. फ़्रांस ने कहा है कि यह संतुलित नहीं है. अब्बास की अपील उधर फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने चरमपंथियों से कहा था कि वे बंधक बनाए गए इसराइली सैनिक को छोड़ दें और इसराइल पर रॉकेट दागना बंद कर दें. गज़ा पट्टी में चरमपंथियों से यह अपील करते हुए अब्बास ने इसराइल से भी कहा है कि वह भी फ़लस्तीनी बंधकों को रिहा कर दे.
जबकि सत्तारुढ़ हमास पार्टी की ओर से पहली बार अधिकृत बयान में कहा गया है कि बंधक बनाया गया सैनिक गिलाद शालित ठीक है और उससे मानवीय व्यवहार किया जा रहा है. इस बीच फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने अपना रुख़ नरम करते हुए कहा कि इसराइल सिर्फ़ महिला और बच्चे क़ैदियों को रिहा कर दे. इससे पहले इसराइली मंत्री अली डिक्टर ने कहा था कि यदि बंधक बनाए गए सैनिक को छोड़ दिया जाता है तो इसराइल क़ैदियों की रिहाई पर विचार कर सकता है. हवाई हमले जारी इस बीच इसराइली सेना ने गज़ा क्षेत्र में और हवाई हमले किए हैं. इन हमलों में कम से कम पाँच लोग मारे गए हैं. इन पाँच लोगों के साथ पिछले दो दिनों में इसराइली हमले में मारे गए लोगों की संख्या 30 तक जा पहुँची है. मारे गए लोगों में से ज़्यादातर के बारे में दावा किया गया है कि वे चरमपंथी हैं लेकिन साथ ही माना गया है कि इनमें से कुछ लोग आम नागरिक भी हैं. लंबी तैयारी इस बीच इसराइली सेना ने साफ़ किया है कि अपने सैनिक को छुड़ाने के लिए इसराइल गज़ा पट्टी से हटने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा हमला करने जा रहा है. इसराइली विदेश मंत्रालय के उपनिदेशक मीर ने कहा है कि इसराइल का दायित्व है कि वो अपने सैनिक को छुड़वाए और अपने लोगों को फ़लस्तीनी चरमपंथियों के रॉकेट हमलों से बचाए. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा लगता है कि इसराइल गज़ा में किसी लंबी कार्रवाई की तैयारी में है. मीर ने बीबीसी से हुई बातचीत में स्पष्ट किया है कि इलराइल अब तक अपने आपको नियंत्रण में रखे हुए है. उनका कहना है कि चरमपंथियों को इसराइली सैनिक को बिना शर्त रिहा कर देना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें ग़ज़ा में भारी लड़ाई, 22 फ़लस्तीनी मरे06 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना ग़ज़ा में बड़ी सैनिक कार्रवाई को हरी झंडी05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना ग़ज़ा अभियान की आलोचना 04 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अगवा किया गया 'सैनिक जीवित है'04 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल ने समयसीमा ठुकराई03 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना उत्तरी गज़ा तक पहुँची03 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री का कार्यालय उड़ाया02 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना हमास ने इसराइल पर हमले की धमकी दी02 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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