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शुक्रवार, 07 जुलाई, 2006 को 02:37 GMT तक के समाचार
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हानिया की अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपील
हताहत लोग
फ़लस्तीनी सैनिकों के पास इसराइल के ज़बर्दस्त हमले का कोई जवाब नहीं है
फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया ने गज़ा पट्टी में इसराइली हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपील की है जबकि इसराइली हमलों में अबतक 22 फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं.

एक इसराइली सैनिक को पकड़े जाने के बाद इसराइल ने कार्रवाई शुरु की है जिसके तहत वो गज़ा में प्रवेश कर रहे हैं.

गज़ा पट्टी में अब तक के सबसे खूनी संघर्ष में 22 फ़लस्तीनी और एक इसराइली की मौत हो गई है जिसके बाद फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपील की है.

इसराइल के हवाई हमले में कई चरमपंथियों समेत आम लोग भी मारे गए हैं.

अमानवीय अपराध

फ़लस्तीन की चरमपंथी हमास पार्टी से संबंध रखने वाले हानिया ने इसराइली कार्रवाई को मानवता के ख़िलाफ अपराध बताया है.

उन्होंने कहा कि इसराइल अपने एक सेना की गुमशुदगी के आधार पर गज़ा पट्टी में प्रवेश कर के फ़लस्तीनी सरकार की वैधता पर प्रश्नचिन्ह लगाना चाहता है.

इसराइल ने अपने सैनिक कैप्टन गिलाद शलित को छुड़ाने के लिए यह अभियान शुरु किया है. इसराइल ने इन ख़बरों का भी खंडन किया है कि वो गज़ा पट्टी पर फिर से कब्ज़ा करना चाहते हैं.

ज़बर्दस्त संघर्ष

इसराइली टैंक
इसराइली ने हवाई हमलों के साथ साथ टैंकों का भी सहारा लिया है

इससे पहले हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार के गृहमंत्री ने सुरक्षाबलों से गज़ा की ओर बढ़ रही इसराइली सेना का प्रतिरोध करने के निर्देश दिए थे.

गुरुवार को इसराइली सैनिकों ने गज़ा में प्रवेश करना शुरु किया था जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच ज़बर्दस्त संघर्ष हुआ है.

फ़लस्तीनी गृहमंत्री सियाम ने अपने प्रवक्ता के ज़रिए जारी एक बयान में कहा है कि ये उनका नैतिक, राष्ट्रीय और धार्मिक कर्तव्य है कि वे फ़लस्तीनी नागरिकों की रक्षा करें.

फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने 25 जून को इसराइली सैनिक गिलाद शलित को बंधक बना लिया था और उसके बाद से ही इसराइली सेना ने कार्रवाई शुरु कर दी थी.

इसराइली सेना ने कई महत्वपूर्ण फ़लस्तीनी ठिकानों पर हमले किए हैं और हमास के कई महत्वपूर्ण नेताओं सहित फ़लस्तीनी प्रशासन के एक तिहाई मंत्रिमंडल को बंधक बना लिया है.

फ़लस्तीनी सुरक्ष बलों को प्रतिरोध के निर्देश जारी करने वाले गृहमंत्री ख़ुद भी भूमिगत हैं.

संवाददाताओं का कहना है कि फ़लस्तीनी सुरक्षा बलों का बड़ा हिस्सा राष्ट्रपति महमूद अब्बास का वफ़ादार है.

और अभी ये स्पष्ट नहीं है कि वे हमास के गृहमंत्री के निर्देशों का कितना पालन करेंगे.

इसराइली हमले

पिछली गर्मियों में इसराइली सेना के गज़ा छोड़ने के बाद से ये अब तक का सबसे बड़ा हमला है.

इसरायली सेना ने फिर से उन उजाड़ पड़ी यहूदी बस्तियों के आसपास मोर्चा बाँध लिया है जिन्हें पिछले साल खाली कर दिया गया था.

साथ ही सेना भीडभाड़ वाले शहरी इलाक़ों के इर्द गिर्द भी डेरा डाल चुकी है.

लेकिन उन्हें जवाबी हमलों का सामना करना पड़ रहा है.

हथियारों से लैस नकाबधारी फ़लस्तीनी गलियों में घूम रहे हैं और कई बार इसरायली टैंकों पर घात लगाकर हमले कर चुके हैं. वहीं आसमान में इसरायली हेलीकॉपटर मंडरा रहे हैं और चरमपंथियों को हमेशा हवाई हमले का डर बना रहता है.

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