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संकट सुलझाने के लिए मिस्र की पहल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली सैनिक को अगवा किए जाने के बाद चल रहे संकट को सुलझाने के लिए मिस्र के ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख उमर सुलेमान इसराइली और फ़लस्तीनी अधिकारियों से बातचीत करने वाले हैं. शनिवार को भी इसराइल का हमला जारी रहा. इसराइल का कहना है कि वह फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों के ठिकाने को निशाना बना रहा है. ग़ज़ा की उत्तरी सीमा पर इसराइली सैनिकों का जमावड़ा है और बड़ी संख्या में टैंक भी तैनात किए गए हैं. लेकिन इसराइल ने कहा है कि सैनिक कार्रवाई से कूटनीतिक समाधान का रास्ता बंद नहीं हुआ है. इस बीच इसराइली सैनिक को अगवा करने वाले तीन फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों ने अब नई मांग रखी है. इन गुटों का कहना है कि इसराइल अपनी जेलों में बंद एक हज़ार अरब क़ैदियों को रिहा करे. शर्त इससे पहले अपनी मांग में इन गुटों ने फ़लस्तीनी महिला क़ैदियों और बच्चों को रिहा करने की मांग की थी. अब उन्होंने अपनी मांग में एक और शर्त जोड़ दी है. इस नए बयान में कहा गया है कि फ़लस्तीनी चरमपंथी आंदोलन से जुड़े लोगों को रिहा किया जाए और साथ में उन लोगों को भी छोड़ा जाए जो लंबे समय से सज़ा काट रहे हैं और बीमार हैं. लेकिन बयान में यह नहीं कहा गया है कि अगर उनकी मांगे मान ली जाएँगी, तो वे इसराइली सैनिक को रिहा करेंगे या नहीं. क्योंकि पहले बयान में यह कहा गया था कि अगर इसराइल फ़लस्तीनी महिला क़ैदियों और बच्चों को रिहा करता है, तो उसके लापता सैनिक के बारे में सूचना दी जाएगी. लेकिन इसराइल पहले ही कह चुका है कि वह अपने सैनिक की बिना शर्त रिहाई चाहता है. इसराइल ने धमकी दी है कि अगर उसके सैनिक की सुरक्षित रिहाई नहीं हुई, तो और बड़ी सैनिक कार्रवाई की जा सकती है. शुक्रवार को ग़ज़ा में हुए इसराइली हमले में शहर का मुख्य बिजली प्लांट तबाह हो गया था. राहत एजेंसियों ने ग़ज़ा में मानवीय संकट की चेतावनी दी है. स्थानीय डॉक्टरों का कहना है कि कई लोगों को ताज़ा भोजन और पानी नहीं मिल पा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें चरमपंथी गुटों ने नई माँगे रखीं01 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना 'अभियान सरकार को गिराने की साजिश'30 जून, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना ने फ़लस्तीनी मंत्री पकड़े29 जून, 2006 | पहला पन्ना इसराइली सेना उत्तरी गज़ा में भी29 जून, 2006 | पहला पन्ना हमास और ख़ालिद मशाल की मुश्किल28 जून, 2006 | पहला पन्ना इसराइल की ख़तरनाक कार्रवाई की धमकी28 जून, 2006 | पहला पन्ना कूटनीति को एक मौक़ा देने की अपील27 जून, 2006 | पहला पन्ना हवाई हमले के बाद, ज़मीनी कार्रवाई भी27 जून, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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