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गुरुवार, 20 अक्तूबर, 2005 को 08:51 GMT तक के समाचार
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'मदद न मिली तो और लोग मर सकते हैं'
इलाज के लिए जाती भूकंप पीड़ित महिला
कोफ़ी अन्नान के कहा कि ज़रूरत के हिसाब से अंतरराष्ट्रीय सहायता बहुत कम मिली है

संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान में भूकंप प्रभावितों की जल्दी सहायता नहीं की गई तो और लोगों की मौत हो सकती है.

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयुक्त राष्ट्र से अभी तक जितनी सहायता की हामी भरी है वह कुल आवश्यकता का छोटा सा भाग है.

पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या अब 48 हज़ार बताई है.

कोफ़ी अन्नान ने कहा कि पाकिस्तान सरकार की सहायता के लिए एक अभूतपूर्व प्रयास की आवश्यकता है.

पाकिस्तान में राहत पहुँचाने के प्रमुख संयुक्त राष्ट्र अधिकारी एंड्रू मैकल्योड ने तो यहाँ तक कहा है कि दुनिया इस त्रासदी की गंभीरत को समझ ही नहीं पाई है.

अब मरने वालों की संख्या 48 हज़ार हो गई है

उनके अनुसार अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने जितनी धन-राशि देने का आश्वासन दिया है उसका केवल पाँच प्रतिशत ही उपलब्ध करवाया गया है.

राहत संस्थाएँ लाखों लोगों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने का काम कर रही हैं जबकि हज़ारों नगर और गाँव अब भी बाक़ी इलाक़ों से कटे हुए हैं.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार पाकिस्तान के शहरों से दूर स्थिति इलाक़ो में स्थिति चिंताजनक है क्योंकि भूकंप के 12 दिन बाद भी लोग सहायता पहुँचने का इंतज़ार कर रहे हैं.

वहीं बुधवार को भारत सरकार ने भारत और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर के बीच टेलीफ़ोन संपर्क बहाल कर दिया ताकि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के लोग अपने सगे संबंधियों से बात कर सकें.

चेतावनी

 अन्य प्राकृतिक आपदाओं की तरह जिनमें पीड़ित तत्काल मारे जाते हैं, पाकिस्तान में मौतों का सिलसिला थमा नहीं है
कोफ़ी अन्नान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा है कि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी कई दूरवर्ती इलाकों तक नहीं पहुँचा जा सका है.

उन्होंने कहा कि अभी भी लगभग 30 लाख लोग बेघर हैं जबकि जाड़े का मौसम आनेवाला है.

उन्होंने कहा,"अन्य प्राकृतिक आपदाओं की तरह जिनमें पीड़ित तत्काल मारे जाते हैं, पाकिस्तान में मौतों का सिलसिला थमा नहीं है".

कोफ़ी अन्नान ने बताया कि अभी हेलिकॉप्टरों, ट्रकों, भारी उपकरणों और जाड़े में काम आनेवाले तंबू व कंबलों की तत्काल आवश्यकता है.

उन्होंने यूरोपीय देशों के सैनिक संगठन नैटो और मुस्लिम देशों के संगठन ओआईसी से आग्रह किया कि वे अपने सदस्य देशों की सहायता से राहत सामग्रियाँ जुटाएँ.

उन्होंने कहा कि वे अगले सप्ताह जेनेवा में आपातकाल में राहत कार्य पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होंगे.

कोफ़ी अन्नान ने अंतरराष्ट्रीय नेताओं से सम्मेलन में शामिल होने का आह्वान किया और उम्मीद जताई कि सम्मेलन से कुछ परिणाम निकलेंगे.

हताहतों की संख्या

 घायलों की संख्या 67 हज़ार से अधिक है और मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है
मेजर जनरल फ़ारूक़ अहमद ख़ान

पाकिस्तान सरकार ने अब कहा है कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर और सरहदी सूबे में भूकंप से मारे जानेवालों की आधिकारिक संख्या 48 हज़ार हो गई है.

इस बारे में गठित आपदा समिति के प्रमुख मेजर जनरल फ़ारूक़ अहमद ख़ान ने इस्लामाबाद में पत्रकारों से कहा,"घायलों की संख्या 67,000 से अधिक है और मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है".

इस महीने की आठ तारीख़ को आए भूकंप से भारत प्रशासित कश्मीर में भी आधिकारिक तौर पर 1400 लोग मारे गए हैं.

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि

मुख़्तियार अहमद
भारत सरकार ने दोनों तरफ़ के कश्मीर के बीच फ़ोन संपर्क बहाल कर दिया है
अभी भी तंबूओं की बेहद कमी है और दूरदराज़ के क्षेत्रों में अभी भी कई स्थान ऐसे हैं जहाँ लोगों तक राहत और बचाव दल नहीं पहुँच सके हैं.

इस बीच बुधवार को भारत और पाकिस्तान, दोनों ही तरफ़ के कश्मीरों में भूकंप के बड़े झटके आए जिससे राहत कार्यों में फिर बाधा आई.

रिक्टर पैमाने पर 5.8 और 5.4 की तीव्रता वाले इन झटकों को इस्लामाबाद तक में महसूस किया गया.

फ़ोन संपर्क

भारत सरकार ने बुधवार को नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ़ के कश्मीर के बीच फ़ोन संपर्क बहाल कर दिया जिससे कि प्रभावित क्षेत्रों के लोग आपस में बात कर सकें.

जम्मू, श्रीनगर, तंगडार और उड़ी में टेलीफ़ोन केंद्र बनाए गए हैं जहाँ से लोग सीमा पार अपने संबंधियों के घर बिना किसी शुल्क के फ़ोन कर सकते हैं.

ये केंद्र 24 घंटे तक खुले रहेंगे. ये सुविधा एक पखवाड़े तक के लिए शुरू की गई है लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि ये सुविधा बढ़ाई भी जा सकती है.

जम्मू से मुज़फ़्फ़राबाद में अपने संबंधियों के पास सबसे पहला फ़ोन किया मुख़्तियार अहमद ने जहाँ से उन्हें ये दुःखद ख़बर मिली कि भूकंप में उनके 18 संबंधी नहीं रहे.

66तुरंत उपचार ज़रुरी
तत्काल उपचार की व्यवस्था नहीं की गई तो घायलों की हालत बिगड़ सकती है.
66कूटनीति अब भी जारी है
भूकंप के बावजूद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीति बिना रुके जारी है.
66कश्मीरियों की पीड़ा
वो दिन कब आएगा जब कोई सीमा रेखा से बटे कश्मीरियों की पीड़ा समझेगा.
66भूकंप ने अकेला किया
भूकंप ने ज़फ़र को अकेला कर दिया है. अस्पताल से उसे ले जानेवाला कोई नहीं है.
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