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मृतक संख्या 38, कई और गंभीर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में गुरुवार की सुबह एक के बाद एक हुए चार बम धमाकों में मारे गए लोगों की संख्या 38 हो गई है. इस हादसे में लगभग 700 लोग घायल हुए हैं. पुलिस का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. पुलिस ने लंदन की जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है. इन धमाकों में से तीन लंदन की भूमिगत रेलों में हुए जबकि चौथा विस्फोट एक दो मंज़िला बस में हुआ जिससे बस के परख़च्चे उड़ गए. उसकी ऊपरी मंज़िल टूट-फूट कर बिखर गई. ब्रितानी सरकार के अधिकारियों का कहना है कि इन विस्फोटों के लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान के लिए एक बड़ी ख़ुफ़िया कार्रवाई चल रही है. प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इसे आतंकवादी हमला बताते हुआ कहा, ''सभी नेता आतंकवाद को हराने के हमारे दृढ़ निश्चय से सहमत हैं.'' ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, ''यह बर्बरतापूर्ण है कि जब ग़रीबी पर चर्चा होनेवाली है तब ऐसी घटना हुई इस बीच ब्रिटेन की मुस्लिम काउंसिल ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए लोगों से पुलिस के साथ पूरा सहयोग करने की अपील की है. मुस्लिम काउंसिल के प्रवक्ता इनायत बंगलावाला ने इन हमलों के शिकार हुए लोगों के लिए जुमे की नमाज़ के दौरान दुआ करने की भी अपील की. उधर एक अन्य संगठन मुस्लिम एसोसिएशन के अध्यक्ष अहमद शेख़ ने आशंका व्यक्त की है कि इन हमलों के बाद बदले की कार्रवाई शुरू हो सकती है और मुस्लिम समुदाय अब कम सुरक्षित महसूस करेगा. एक इस्लामी वेबसाइट पर प्रकाशित एक बयान में ये दावा किया गया है कि इन धमाकों के पीछे अल-क़ायदा का हाथ है. लेकिन अभी सरका और पुलिस ने इसके विषय में कुछ नहीं कहा गया है. चार विस्फोट चारों विस्फोट उस समय हुए जब लोग अपने काम पर जाने के लिए निकलते हैं और उस समय भूमिगत रेलों (जिसे लंदनवाले ट्यूब कहते हैं) और बसों में खचाखच भीड़ होती है.
पहला विस्फोट सुबह 9 बजने के 10 मिनट पहले लिवरपूल स्ट्रीट स्टेशन पर हुआ. इसके कुछ मिनट बाद दूसरा धमाका हुआ. तीसरा विस्फोट भी ट्रेन में हुआ और इससे टनल की दीवार में एक बड़ा छेद बन गया. चौथे विस्फोट ने एक बस की छत ही उड़ा दी. इन विस्फोटों की ख़बर मिलते ही आपातकालीन सहायता सेवा शुरु हो गई और सैकड़ों पुलिस कर्मी, एम्बुलेंस के कर्मचारी और अग्निशमन दल के सदस्य काम पर जुट गए. घायलों को तत्परता से अस्पताल पहुँचाया गया. बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों का कहना है कि ज़्यादातर लोगों को धमाकों से चोटें आई हैं और कई लोग जलने से घायल हुए हैं. कई लोगों की हड्डियाँ भी टूट गई हैं. अफ़रातफ़री इस हादसे ने लंदन ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में अफ़रा-तफ़री मचा दी और उसे दिन भर के लिए रोकना पड़ा.
भूमिगत ट्रेनें और बसें बंद कर दी गईं और लोगों को सलाह दी गई कि अगर बहुत ज़रूरी ना हो तो अपने घरों से ना निकलें और जो लोग बाहर हैं वे हो सकें तो वहीं बने रहें. अकेले भूमिगत ट्रेनों से हर दिन लगभग 30 लाख लोग यात्रा करते हैं. अधिकारियों का कहना है कि इसे सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है. उन्होंने अभी कोई समय सीमा नहीं बताई है. हालाँकि रात होते होते लोग घरों की ओर लौटने लगे थे और आधी रात के समय तक केंद्रीय लंदन में भी हालात सामान्य नज़र आने लगे और परिवहन भी सामान्य तरीके से चलने लगा. जी-8 की बैठक इस बीच स्कॉटलैंड में जी-8 की बैठक चल रही है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर इस बैठक को छोड़कर लंदन पहुँचे और वस्तुस्थिति की जानकारी लेने और आगे की कार्रवाइयों के लिए दिशा निर्देश देकर वे वापस बैठक में शामिल होने ग्लेनईगल पहुँच गए. इससे पहले उन्होंने बैठक में शामिल होने आए सभी प्रतिनिधियों की ओर से एक बयान पढ़ा. इसमें उन्होंने कहा कि ये धमाके जी-8 और दुनिया के सभी सभ्य समाजों पर हमला है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित करके इस हमले की निंदा की है. |
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