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गुरुवार, 07 जुलाई, 2005 को 03:43 GMT तक के समाचार
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ब्लेयर जी-8 छोड़कर लंदन पहुँचे
टोनी ब्लेयर
टोनी ब्लेयर जी8 सम्मेलन छोड़कर लंदन रवाना हो रहे हैं
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर जी-8 सम्मेलन को छोड़कर लंदन पहुँच गए हैं.

वे लंदन में हुए विस्फोटों के बारे में पुलिस अधिकारियों से बातचीत करेंगे.

ब्लेयर ने कहा कि यह सभी नेताओं ने तय किया है कि उनकी अनुपस्थिति में भी जी 8 सम्मेलन जारी रहे.

उन्होंने कहा,'' सभी नेता आतंकवाद को हराने के हमारे दृढ़ निश्चय से सहमत हैं.''

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा,'' यह बर्बरतापूर्ण है कि जब ग़रीबी पर चर्चा होनेवाली है तब ऐसी घटना हुई.''

दुनिया के सबसे धनी देशों के संगठन जी-8 की बैठक आज स्कॉटलैंड में शुरू हो रही है जिसमें जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मुद्दे छाए रहने की संभावना है.

इस सम्मेलन के लिए ब्रिटेन, अमरीका, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, इटली, जापान और रूस से प्रतिनिधिमंडल पहले ही स्कॉटलैंड पहुँच चुके हैं.

इस बीच महीनों से इस सम्मेलन के विरोध में प्रदर्शन भी हो रहे हैं.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस सम्मेलन में विशेष रूप से आमंत्रित किए गए हैं और वह धनी देशों के प्रतिनिधियों के साथ आर्थिक मुद्दों पर बातचीत करेंगे.

इस बार पाँच देशों को आर्थिक मामलों के विशेष सत्र में बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है – ये देश हैं भारत, चीन, ब्राज़ील, मेक्सिको और दक्षिण अफ़्रीका.

जलवायु परिवर्तन

बैठक के पहले दिन पर्यावरण का मुद्दा प्रमुख रहेगा. यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर अमरीका और बाक़ी धनी देशों के बीच मतभेद हैं.

औद्योगिक इकाई
ग्रीनहाउस गैसों का निस्तारण बड़ी चिंता

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने यह पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश क्योटो संधि जैसे किसी समझौते पर दस्तख़त नहीं करेगा जिसमें ग्रीन हाउस गैसों के निस्तारण की सीमा निर्धारित करने की शर्तें हों.

ब्रिटेन किसी ऐसे समझौते पर पहुँचने की कोशिश कर रहा है जिसमें ऐसी तकनीक विकसित करने पर सहमति हो जिससे ग्रीन हाउस गैसों के निस्तारण में कमी लाने के लिए प्रतिबद्धता हो.

इस बीच इस सम्मेलन के विरोध में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं और बैठक शुरू होने के समय भी पुलिस भारी प्रदर्शनों की उम्मीद कर रही है.

बुधवार को भी स्कॉटलैंड के कई शहरों में प्रदर्शन हुए और पुलिस ने 160 लोगों को गिरफ़्तार भी किया.

बहुत से प्रदर्शनकारियों और पर्यवेक्षकों का कहना है कि जी8 सम्मेलन मौजूदा विश्व राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और उन्होंने आहवान किया है कि धनी देश ग़रीब देशों की मदद के लिए ठोस कार्रवाई करें.

सम्मेलन के आसपास सुरक्षा के लिए क़रीब चार हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. ब्रिटेन के इतिहास में यह सबसे बड़ा सुरक्षा अभियान है.

संभावना है कि हज़ारों प्रदर्शनकारी सम्मेलन स्थल तक पहुँचने की कोशिश करेंगे. स्कॉटलैंड के शहर एडिनबरा में पहले से ही हज़ारों प्रदर्शनकारी मौजूद हैं और पचास हज़ार से ज़्यादा प्रदर्शनकारी अंतिम लाइव8 में भाग लेंगे.

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