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ब्रिटेन में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जी आठ सम्मेलन के लिए ब्रिटेन में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है. पुलिस का कहना है कि ब्रिटेन के इतिहास में इससे बड़ा सुरक्षा अभियान आज तक कभी नहीं किया गया है. पूरे ब्रिटेन में पुलिसकर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है. इस सुरक्षा अभियान के लिए 10,000 पुलिस अफ़सर तैनात किए गए हैं. इसके अलावा हरेक राष्ट्राध्यक्ष के साथ उसकी अपनी सुरक्षा व्यवस्था है. कई बैंकों और आर्थिक या सरकारी संस्थानों ने अलग से सुरक्षा व्यवस्था की है. माना जा रहा है कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के पास सम्मेलन में पहुँचने के लिए अलग-अलग रास्ते हैं. एक रास्ता है प्रेस्टविक हवाई अड्डे से आने का जो ट्रून के पास है. जिस समय बुश प्रेस्टविक पहुँचेंगे, उसके आस पास तीस मिनट तक लोग न तो हवा में, न सड़क पर और न ही रेल से वहाँ आ जा सकेगे. व्यवस्था यानी सुरक्षा व्यवस्था तो ऐसी लगती है कि हैं परिंदा भी इजाज़त के बिना पर नहीं मार पाए. इतना ही नहीं अमरीका का एक विमानवाहक पोत प्रेस्टविक के पास आयरशायर के तट पर होगा.
कहा जाता है कि ज़रूरत पड़ने पर बुश को इस विमानवाहक पोत पर भी उतारा जा सकता है. प्रेस्ट्विक हवाई अड्डे के 50 किलोमीटर के घेरे में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है जिसके लिए 2,000 अमरीकी सैनिकों यानी “मरीन्स” को इस विमानवाहक पोत से लाया जाएगा. ख़ास डर है विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों से. जहाँ अधिकतर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो हिंसक रूप से जी आठ शिखर सम्मेलन का विरोध करने के समर्थक हैं. लेकिन साथ ही इस बात की भी चिंता है कि आतंकवादी कहीं इस अफ़रा-तफ़री का फ़ायदा उठाने की कोशिश न करें. |
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