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जी-8 से पहले अफ़्रीकी देशों का सम्मेलन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तीस अफ़्रीकी देशों के राष्ट्रपति 'अफ़्रीकन यूनियन' के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए लीबिया पहुँच गए हैं. इन नेताओं का लक्ष्य भुखमरी और बीमारी का सामना करने के बारे में आम राय बनाना है ताकि वे अपने विचार आठ विकसित देशों के संगठन जी-8 के होने वाले सम्मेलन में अपनी बात रख सकें. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये नेता केवल जी-8 के सामने इन मुद्दों पर अपनी आम राय बनाने और विकसित देशों से अफ़्रीका के लिए मदद माँगने के लिए एकत्र नहीं हो रहे. बीबीसी संवाददाता के अनुसार वे कई नए विचारों पर चर्चा करेंगे. इनमें अफ़्रीकी देशों में एकजुटता कायम करना, वहाँ लड़ाइयों को सुलझाने के लिए स्थायी अफ़्रीकी सेना का गठन, सब अफ़्रीकी देशों के लिए एक ही पासपोर्ट और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दो अफ़्रीकी देशों के लिए जगह शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान और ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री हिलेरी बेन अफ़्रीकी नेताओं को संबोधित करेंगे. इस शिखर सम्मेलन से पहले इन देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में अमीर देशों पर इन देशों की मदद के लिए और दबाव बनाए जाने का आहवान किया गया था. |
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