अधिक जानकारी के लिए नक्शे पर क्लिक करें किंग्स क्रॉस किंग्स क्रॉस लंदन के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से है, यहाँ न सिर्फ़ भूमिगत रेल की कई लाइनें हैं बल्कि यहाँ से लंबी दूरी की ट्रेनें भी चलती हैं. लंदन के शहर के मध्य में स्थित इस रेलवे स्टेशन पर आम दिनों में भारी भीड़ होती है. धमाका किंग्स क्रॉस और रसेल स्क्वेयर रेलवे स्टेशनों के बीच हुआ.
एजवेयर रोड सर्किल लाइन पर स्थित एजवेयर रोड स्टेशन से पैडिंगटन के लिए गाड़ी अभी चली ही थी कि ज़ोरदार धमाका हुआ. एजवेयर रोड में ट्रेन में इतने ज़ोर का धमाका हुआ कि पूरी छत उड़ गई और अलग प्लेटफॉर्म पर खड़ी दूसरी ट्रेन को भी नुक़सान पहुँचा. एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि दो ट्रेनें आमने-सामने से गुज़रीं और ज़ोर का धमाका हुआ, पूरे डिब्बे में अँधेरा छा गया और धुआँ भर गया. इस धमाके में कम से कम पाँच लोगों की मृत्यु हुई है. एजवेयर रोड लंदन के मशहूर मार्बल आर्च-ऑक्सफर्ड सर्कस से लगा हुआ इलाक़ा है जहाँ लोग बड़ी तादाद में ख़रीदारी करने आते हैं.
टेविस्टॉक स्क्वेयर टेविस्टॉक स्क्वेयर मध्य लंदन का व्यस्त इलाक़ा है, यहाँ बस में धमाका हुआ. जिस दोमंज़िला बस में धमाका हुआ उसका ऊपर का हिस्सा पूरी तरह उड़ गया. इस धमाके के बाद बड़ी संख्या में लोगों को पास के यूनिवर्सिटी कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. स्थानीय समय के अनुसार सुबह लगभग पौने दस बजे हुए इस धमाके में कितने लोग हताहत हुए इसकी सूचना नहीं मिली है.
रसेल स्क्वेयर सबसे ज़ोरदार धमाका यहाँ से चलने वाली ट्रेन में हुआ जिसमें 21 लोग मारे गए. पिकिडली लाइन की ट्रेन यहाँ से किंग्स क्रॉस जा रही थी. रसेल स्क्वेयर हमेशा पर्यटकों और छात्रों से भरा रहने वाला इलाक़ा है. यहाँ कई अस्पताल, ब्रिटिश म्यूज़ियम और शिक्षण संस्थान हैं. यहाँ धमाका स्थानीय समय के अनुसार सुबह 8 बजकर 56 मिनट पर हुआ जब ट्रेनें खचाखच भरी होती हैं.
मूरगेट मूरगेट उत्तरी लंदन की ओर जाने वाली लाइन पर एक अहम स्टेशन है, जब धमाके हुए तो सबसे पहले जिन स्टेशनों को बंद किया गया उनमें मूरगेट भी था. उत्तरी लंदन की तरफ़ जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हुई, मूरगेट से निकलकर बहुत बड़ी संख्या में लोग सड़क पर आ गए.
लिवरपूल स्ट्रीट लिवरपूल स्ट्रीट स्टेशन पर सर्किल लाइन पर धमाका हुआ जिसमें कम से कम सात लोग मारे गए, और कम से कम 100 लोग घायल हो गए. लंदन के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक लिवरपूल स्ट्रीट से कई लंबी दूरी की ट्रेनें भी चलती हैं, यहाँ कई बड़ी बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के दफ़्तर भी हैं. सबसे पहला धमाका यहीं सुबह आठ बजकर 49 मिनट पर हुआ. इस धमाके के बाद आपात और राहत सेवाएँ तत्काल वहाँ पहुँच गईं. धमाके के बाद लोग ट्रेनों के भीतर फँस गए और धुआँ भरने लगा तो वे शीशे तोड़कर बाहर आए.
ऑल्डगेट ईस्ट ऑल्डगेट ईस्ट लिवरपूल स्ट्रीट से लगा स्टेशन है, यहाँ बहुत बड़ी संख्या में दक्षिण एशियाई लोग रहते हैं जिनमें सबसे अधिक संख्या बांग्लादेश के लोगों की है. ऑल्डगेट ईस्ट से चली ट्रेन में मोबाइल फ़ोन भी चलने बंद हो गए थे इसलिए लोग अपने रिश्तेदारों से संपर्क करने के लिए बेचैन हो रहे थे. धमाके के बाद स्टेशन पर आग लग गई थी जिसे थोड़ी देर बाद बुझा दिया गया.
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