|
लंदन में धमाकों पर प्रतिक्रियाएँ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में आज सुबह हुई बम विस्फोट की घटनाओं की दुनिया भर में निंदा की गई है. ब्रिटेन की महारानी एलिज़बेथ ने कहा है कि वे इस घटना से बिल्कुल स्तब्ध हैं. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी टोनी ब्लेयर ने कहा है कि लंदन में हुए हमलों के बावजूद जी-आठ सम्मेलन का काम नहीं रुकेगा. लंदन के मेयर केन लिविंग्सटन ने कहा है कि उन्हें इस बारे में कोई शक नहीं है कि ये हमला चरमपंथियों ने किया है. वो अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की बैठक में हिस्सा लेने सिंगापुर गए हुए हैं. और अब वहाँ से लंदन के लिए रवाना हो रहे हैं. ब्रिटेन की विपक्षी कंज़रवेटिव पार्टी के प्रवक्ता डेविड डेविस ने कहा है कि ब्रिटेन के पास आतंकवाद से निपटने का पुराना अनुभव है. उन्होंने कहा कि ब्रितानी जनता को दबाया नहीं जा सकता और आतंकवादी नहीं जीतेंगे. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर स्कॉटलैंड से जी-आठ सम्मेलन से लंदन के लिए रवाना हो चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने ग्लेनईगल्स में कहा है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध जारी रहेगा. उन्होंने कहा है कि हमलावरों को ढूँढ निकाला जाएगा और उन पर मुक़दमा चलाया जाएगा. बुश ने कहा कि हमलावर घृणा की विचारधारा पर यक़ीन करते हैं लेकिन उन्हें भारी जवाब देना होगा. फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक़ शिराक़ ने कहा है कि उनका देश इस घड़ी में ब्रिटेन के लोगों के साथ है. रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का सामना करने के लिए सभी देशों से एकजुट होने का आह्वान किया है. जर्मनी के चांसलर गेरहार्ड श्रोएडर ने विस्फोटों को विश्वासघाती हमले बताया है. रोमन कैथोलिक ईसाई धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट सोलहवें ने धमाकों को मानवता के विरूद्ध एक बर्बर कृत्य बताया है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||