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मैड्रिड धमाकों से दहशत का माहौल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
स्पेन में मार्च के महीने में राष्ट्रीय चुनावों के लिए मतदान से ठीक पहले भयंकर बम विस्फोट हुए जिनमें 191 लोग मारे गए और सैकड़ों लोग घायल हो गए. आम तौर पर शांत रहने वाले स्पेन में हुए इन धमाकों ने पूरे यूरोप को हिलाकर रख दिया. राजधानी मैड्रिड के कई रेलवे स्टेशनों पर एक के बाद एक लगातार विस्फोट हुए थे. सरकार ने बास्क़ अलगाववादी संगठन ईटीए को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया लेकिन देश की प्रतिबंधित बास्क़ अलगाववादी पार्टी बात्सुना ने इससे इनकार किया है कि इस हादसे के पीछे ईटीए का हाथ है. एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, "यह सीधे तौर पर हत्याकाँड है. यह देश के लोकतंत्र पर एक हमला है और ईटीए हत्यारों का एक आपराधिक गैंग है." अधिकारियों ने कहा कि धमाकों से पहले कोई चेतावनी नहीं दी गई. सरकार ने देश में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की जबकि मुख्य सत्ताधारी पॉपुलर पार्टी ने इस हादसे की वजह से अपना चुनाव अभियान रद्द कर दिया था. स्पेन में इन विस्फोटों के तीन दिन बाद रविवार को आम चुनाव हुए जिनमें तत्कालीन प्रधानमंत्री होशे अजनार की हार हुई. जाँचकर्ता ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये धमाके अलगाववादी संगठन ईटीए ने किए या फिर अल क़ायदा से जुड़े इस्लामी चरमपंथियों ने. धमाकों की संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के कई देशों ने निंदा की.
मगर इस संगठन की क़रीबी माने जाने वाली एक पार्टी ने इसे मानने से इनकार किया है. उधर स्पेन के गृह मंत्री अनफ़ल असेबिस ने संभावना व्यक्त की थी कि हो सकता है कि ये हमला अल क़ायदा ने किया हो. उनका कहना है कि उस वाहन में अरबी में लिखे कुछ कागज़ भी मिले हैं. लंदन स्थित एक अरबी अख़बार ने अल-क़ुद्स अल-अरबी ने दावा किया था कि उसे एक ईमेल भेजा गया है जिसमें अल क़ायदा से संबंधित एक संगठन ने इन घटनाओं की ज़िम्मेदारी ली है. लेकिन अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों को इस दावे की सच्चाई पर शक है. सच्चाई चाहे जो हो स्पेन इस साल दहशत के माहौल में रहा. |
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