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लंदन धमाकों में अल क़ायदा पर संदेह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन सरकार ने कहा है कि लंदन में गुरूवार को हुए हमलों पर अल क़ायदा की छाप नज़र आती हैं. इस बीच पुलिस ने हमलावरों की व्यापक स्तर पर तलाश शुरू कर दी है. ग़ौरतलब है कि लंदन में गुरुवार की सुबह एक के बाद एक हुए चार बम धमाकों में लगभग चालीस लोग मारे गए 700 से ज़्यादा घायल हो गए. प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा कि जिन लोगों ने हमला किया वे समझते हैं कि उन्होंने यह काम इस्लाम के नाम पर किया लेकिन ज़्यादातर मुसलमान सभ्य लोग हैं और वे बाक़ी ब्रितानियों की ही तरह इन हमलों से डरने वाले नहीं हैं. ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा कि हमलों पर अल क़ायदा की छाप नज़र आती है. मुस्लिम समुदाय उधर ब्रिटेन की मुस्लिम काउंसिल के महासचिव इक़बाल सैकरनी ने आगाह किया है इस मामले में कोई भी राय बनाने में जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए. इस बीच ब्रिटेन की मुस्लिम काउंसिल ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए लोगों से पुलिस के साथ पूरा सहयोग करने की अपील की है. मुस्लिम काउंसिल के प्रवक्ता इनायत बंगलावाला ने इन हमलों के शिकार हुए लोगों के लिए जुमे की नमाज़ के दौरान दुआ करने की भी अपील की. उधर एक अन्य संगठन मुस्लिम एसोसिएशन के अध्यक्ष अहमद शेख़ ने आशंका व्यक्त की है कि इन हमलों के बाद बदले की कार्रवाई शुरू हो सकती है और मुस्लिम समुदाय अब कम सुरक्षित महसूस करेगा.
पुलिस ने कहा कि वह इस बारे में खुले दिमाग़ से जाँच कर रही है कि इन हमलों के पीछे किसका हाथ हो सकता है. पुलिस अभी यह पुष्टि नहीं कर रही है कि क्या ये हमले परंपरागत विस्फोटकों से किए गए या फिर इनमें आत्मघाती हमलावरों का हाथ था. पुलिस ने कहा कि उसे इन हमलों के बारे में कोई पूर्व चेतावनी नहीं मिली और न ही किसी तरह की ख़ुफ़िया सूचना थी. इन धमाकों ने राजधानी लंदन में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, हालाँकि रात होते-होते स्थिति कुछ सामान्य होती नज़र आई. पुलिस का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. पुलिस ने लंदन की जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है. इन धमाकों में से तीन लंदन की भूमिगत रेलों में हुए जबकि चौथा विस्फोट एक दो मंज़िला बस में हुआ जिससे बस के परख़च्चे उड़ गए. ब्रितानी सरकार के अधिकारियों का कहना है कि इन विस्फोटों के लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान के लिए एक बड़ी ख़ुफ़िया कार्रवाई चल रही है. प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इसे आतंकवादी हमला बताते हुआ कहा, ''सभी नेता आतंकवाद को हराने के हमारे दृढ़ निश्चय से सहमत हैं.'' ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, ''यह बर्बरतापूर्ण है कि जब ग़रीबी पर चर्चा होने वाली है तब ऐसी घटना हुई |
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