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मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए धमाकों के बाद आम जनजीवन तो आठ घंटों में सामान्य हो गया था लेकिन सुरक्षा और एहतियात आज भी पटरी पर नहीं हैं. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अशोक सिंघल उस शाम मुंबई की एक ऐसी ही लोकल ट्रेन के डब्बे में बैठे हुए थे जिनमें विस्फोट हुआ. अशोक जब वो भयावह मंज़र याद करते हैं तो... | ग्यारह जुलाई की शाम मुंबई में सिलसिलेवार ढंग से हुए सात धमाकों में कम से कम 187 लोगों की मौत हो गई थी. जानिए, कुछ महत्वपूर्ण तथ्य. | मुंबई पुलिस ने दावा किया है कि ग्यारह जुलाई को मुंबई में हुए बम धमाकों के लिए पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ज़िम्मेदार था.
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