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क्यों बनी मुंबई निशाना ? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के कई शहर चरमपंथी हमलों का सामना कर चुके हैं लेकिन मुंबई में पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई हमले हुए हैं. रक्षा मामलों के जानकार भरत कर्नाड कहते हैं कि चरमपंथी मुंबई को अपने हमलों के लिए कई कारणों से चुनते हैं. मुंबई की भीड़भाड़, तेज़ रफ्तार ज़िंदगी, पुलिस चौकसी की कमी इनमें से कुछ कारण है. कर्नाड कहते हैं कि मुंबई के कई इलाक़ों में इतनी भीड़ होती है कि चौकसी संभव ही नहीं है. इसके अलावा योजना बनाना आसाना होता है मुंबई में क्योंकि न केवल लोकल ट्रेन बल्कि कई जगहों को निशाना बनाया जा सकता है. उल्लेखनीय है कि 1993 में स्टॉक एक्सचेंज समेत कई स्थानों पर बम फटे थे. 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पब्लिसिटी' जेंस डिफेंस वीकली के संवाददाता और रक्षा मामलों के विशेषज्ञ राहुल बेदी कहते हैं कि मुंबई ट्रेनों पर हमले को लंदन और मैड्रिड की घटना से जोड़कर देखा जा सकता है. वो कहते हैं, "चरमपंथी ट्रेनों को निशाना बनाते हैं क्योंकि लोगों को इससे सबसे अधिक तकलीफ पहुंचती है. इन ट्रेनों में भीड़ रहती है तो मरने वालों की संख्या अधिक हो जाती है." बेदी के अनुसार इतना ही नहीं ट्रेनों पर हमला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पब्लिसिटी भी अधिक दिलाता है. वो कहते हैं मुंबई वित्तीय राजधानी है इसलिए भी इसे बार बार विस्फोटों को झेलना पड़ता है. यहां हमले पूरी अर्थव्यवस्था को , स्टॉक मार्केट को और केंद्र सरकार तक को हिलाने की कूव्वत रखते हैं. स्थानीय कारण हमले के कारणों के बारे मे भरत कर्नाड कहते हैं कि इसके कारण स्थानीय भी हो सकते हैं. करनाड का कहना है कि जिस तरह 1993 के विस्फोटों का तात्कालिक कारण बाबरी मस्जिद ढहाने को माना जा सकता है उसी तरह इन हमलों को कश्मीर या गुजरात की घटनाओं से जोड़ा जा सकता है. वो कहते हैं कि कभी कभी समाज में ही असामाजिक तत्व होते हैं जो ऐसा करते हैं. कर्नाड का कहना था कि मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ माहौल बनाने के लिए भी ऐसा किया जा सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें खुफिया तंत्र की विफलता: विशेषज्ञ11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई की लोकल ट्रेनें11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर में बम धमाके, आठ मरे11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीनगर में पर्यटक बस पर ग्रेनेड हमला31 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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