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खुफिया तंत्र की विफलता: विशेषज्ञ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुरक्षा मामलों के जानकार अरुण भगत का कहना है कि मुंबई बम हमले पुलिस और खुफिया विभाग की विफलता है. बीबीसी के साथ बातचीत में भारत के खुफिया विभाग के पूर्व प्रमुख अरुण भगत ने कहा कि कुछ महीनों पहले औरंगाबाद में भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे. इतना ही नहीं नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पर भी हमला हुआ था और उसमें कुछ चरमपंथी मारे गए थे. यह पूछे जाने पर कि क्या भारत एक सॉफ्ट टारगेट है तो उनका कहना था कि जिस किसी भी देश में लोकतंत्र होता है और क़ानून की बात मानी जाती है उनके लिए आतंकवादी हमेशा एक बड़ी चुनौती रहे हैं. भगत का कहना था कि आतंकवादी किसी का लिहाज नहीं करते और इनका सामना करने के लिए भारत को अपनी नीतियों में बदलाव करना होगा. गृह मंत्रालय उधर बीबीसी के साथ बातचीत में ही गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने यह मानने से इंकार किया कि मुंबई में हुए हमले खुफिया तंत्र की विफलता हैं. जायसवाल ने यह नहीं बताया कि इन हमलों के लिए कौन ज़िम्मेदार है लेकिन उन्होंने कहा कि जांच चल रही है और जल्दी ही पता चल जाएगा. जायसवाल का कहना था कि धमाकों में आम लोगों को निशाना बनाया गया है और ये बिल्कुल ग़लत है. इस बीच सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि गृह मंत्रालय को मुंबई में हमले होने की खुफिया जानकारी थी लेकिन ये हमले कैसे और किस तरह किए जाएंगे, इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं थी. हालांकि मुंबई के पुलिस प्रमुख ने कहा है कि उन्हें इस तरह की कोई ख़ुफिया जानकारी नहीं थी. | इससे जुड़ी ख़बरें कश्मीर में बम धमाके, आठ मरे11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीनगर में पर्यटक बस पर ग्रेनेड हमला31 मई, 2006 | भारत और पड़ोस कंधार में आत्मघाती हमला, चार मरे04 जून, 2006 | भारत और पड़ोस कंधार में विस्फोट, 10 की मौत15 जून, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में भीषण विस्फोट, 64 की मौत15 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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