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मुंबई की लोकल ट्रेनें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई की लोकल ट्रेनें मुंबई की जीवनरेखा मानी जाती हैं और ये दुनिया की सबसे व्यस्त रेल सेवाओं में से एक है. अनुमान के अनुसार इन लोकल ट्रेनों में प्रतिदिन लगभग 50 लाख लोग यात्रा करते हैं. भीड़भाड़ के समय एक-एक ट्रेन में कम से कम साढे चार हज़ार लोग सवार होते हैं. मंगलवार को जब इन लोकल ट्रेनों में विस्फोट हुए तब भीड़भाड़ का ही समय था. अपनी दिक्कतों और लटकते हुए लोगों के लिए मशहूर मुंबई की लोकल ट्रेनों के बारे में कहा जाता है कि इसके बिना मुंबई के लोगों की ज़िंदगी चल नहीं सकती है. 2400 रेलगाड़ियाँ विश्व भर की ट्रेन सेवाओं की तुलना में मुंबई की इन ट्रेनों में सबसे अधिक भीड़भाड़ होती है और एक डिब्बे में जहां 80 लोगों की जगह होती हैं उसमें 300 से अधिक लोग सवार होते हैं. दिन भर में करीब 2400 लोकल ट्रेनों के इस संजाल के मुकाबले मुंबई की सड़क सेवाएं कहीं नहीं ठहरती क्योंकि ये काफ़ी तेज़ी से चलती हैं और सस्ती भी हैं. इन ट्रेनों में न केवल ग़रीब लोग बल्कि धनी बिज़नेसमैन भी चलते हैं. कारण है इनकी तेज़ रफ़्तार. भारतीय रेलवे में दिन भर में जितने यात्री यात्रा करते हैं उसकी आधी संख्या मुंबई के लोकल ट्रेनों में होती है. भारत में ट्रेन नेटवर्क की शुरुआत महाराष्ट्र से हुई थी और यही कारण है कि मुंबई की लोकल ट्रेनों का नेटवर्क दुनिया की सबसे पुरानी ट्रेन नेटवर्कों में से एक है. इन ट्रेनों में सुबह चार बजे से ही भीड़ शुरु होती है जो ख़त्म होती है रात के साढ़े आठ बजे तक. कहा जाता है कि इस अवधि के दौरान इन ट्रेनों पर चढ़ना अपने आप में एक कला है. हां, एक ख़ास बात ज़रुर है इन ट्रेनों में, वह ये कि ये रेलगाड़ियाँ बिल्कुल सही समय पर चलती हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मुंबई में सात धमाके, 170 मौतें11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस ट्रेन में सवार यात्रियों के अनुभव11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस खुफिया तंत्र की विफलता: विशेषज्ञ11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस कब-कब बना मुंबई निशाना...11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस धमाके कायरतापूर्ण कोशिश:मनमोहन11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस कैसा था माहिस स्टेशन का दृश्य11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस अमरीका और पाकिस्तान ने कड़ी निंदा की11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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