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दो संगठनों ने निंदा और खंडन किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दो प्रमुख इस्लामी चरमपंथी संगठनों - लश्करे तैबा और हिज़बुल मुजाहिदीन ने मुंबई बम धमाकों में अपना हाथ होने से इनकार किया है और इन धमाकों की निंदा की है. मुंबई में बीबीसी संवाददाता दुमीथा लूथरा के अनुसार कि इन बम धमाकों के लिए कश्मीरी चरमपंथी संगठनों पर शक जताया जा रहा था और विश्लेषकों के अनुसार इनमें भी ज़्यादा शक लश्करे तैबा पर किया जा रहा था. हालाँकि भारतीय अधिकारियों ने सीधे तौर पर इस संगठन पर शक नहीं जताया है. अब लश्करे तैबा और हिज़बुल मुजाहिदीन दोनों ने ही मुंबई बम धमाकों की ज़िम्मेदारी से इनकार किया है. लश्करे तैबा ने इन बम धमाकों में अपना हाथ होने का खंडन करते हुए इन्हें मानवता के ख़िलाफ़ एक कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया है. हिज़बुल मुजाहिदीन ने भी कहा है कि इन धमाकों से उसका कुछ लेना-देना नहीं है. पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद में में बीबीसी संवाददाता ज़ुल्फ़ेकार अली का कहना है कि हिज़बुल मुजाहिदीन ने मंगलवार को मुंबई और श्रीनगर में हुए बम धमाकों की निंदा की है और उन्हें अमानवीय कृत्य बताया है. संगठन के प्रवक्ता अहसान इलाही ने कहा, "इन बम धमाकों की अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से स्वतंत्र जाँच कराई जानी चाहिए ताकि धमाकों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सामने लाया जा सके." प्रवक्ता ने कहा, "हमारा विश्वास है कि आम लोगों पर हमले अमानवीय कृत्य हैं और इस्लाम में इस तरह के हमलों की कोई इजाज़त नहीं है." पुलिस का कहना है कि ये मुंबई धमाके बहुत ही सुनियोजित और बड़ी सावधानी से किए गए और यह किसी बड़े संगठन का काम लगता है. |
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