 |  |  | |  | | | गैस त्रासदी के पीड़ितों की सहायता के लिए भोपाल में न जाने कितने स्वयंसेवी संगठन बन गए लेकिन क्या इससे गैस पीड़ितों को लाभ हुआ? एक पड़ताल. | | |
| |  |  |  | |  | | | हादसे की रात पत्रकार अनीस चिश्ती भोपाल की उस फ़ैक्टरी तक भी गए जहाँ से गैस रिसी थी. अगली सुबह उन्होंने अख़बार के लिए यह रिपोर्ट लिखी थी. | | |
| |  |  |  | |  | | | गैस पीड़ितों को मुआवजा बँट रहा है तो भोपाल में बाज़ार सज गया है. दुकानदार, बैंक और यहाँ तक कि बिल्डर भी लोगों को लुभाने में लगे हुए हैं. | | |
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