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गैस कांड मुआवज़े का वितरण शुरू हुआ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी भोपाल गैस कांड के पीड़ितों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मुआवज़ा बँटना शुरू हो गया है. शहर के 56 वार्डों में से 36 में मुआवज़ा राशि लेने के लिए नोटिस बाँटने का काम भी शुरू हो गया है. गैस कल्याण आयुक्त दीपक वर्मा ने नए शहर के शिवाजी नगर में मुआवज़ा वितरित करने की प्रक्रिया शुरू की. इसके साथ ही तुलसीनगर, पुरानी जिला अदालत, ईदगाह, फतेहगढ़, बरकतुल्ला भवन और बाणगंगा मुआवजा अदालतों में दावा वितरण शुरू हो गया. बरकतुल्ला भवन में छह दावा अदालतें शुरू हुई हैं, तो बाणगंगा में चार दावा अदालतें शुरू हुई हैं.
इसी तरह पुरानी जिला अदालत में 12 दावा अदालतों ने काम करना शुरू कर दिया है. दावेदारों को पूर्व में मिले मुआवज़े संबंधी कागज़ात साथ में लाने को कहा गया है. जिन दावेदारों ने बैंक में ख़ाते नहीं खुलवाए हैं उन्हें जल्द बैंक में खुलवाने या फिर पोस्ट ऑफिस में एकल ख़ाता खुलवाने को कहा गया है. जिन गैस पीड़ितों की मृत्यु हो गई है उनके आश्रितों को 18 नवंबर तक 6 दावा अदालतों से पैसा मिलेगा. तदानुसार प्रणाली के तहत घायलों को 25 हजार रूपए और मृतकों के आश्रितों को एक लाख रूपए या अधिक की राशि मिलने की संभावना है. मृत्यु प्रकरणों में 127 दावेदारों को अदालतों में बुलवाया गया था. जिसमें से शहजहानाबाद की लनाबाई को एक लाख रूपए का चेक ज़ारी किया गया. जो कि सीधे उनके बैंक खाते में ज़मा किया गया. 19 जुलाई को इस वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल के 5 लाख 72 हजार गैस पीड़ितों को 1503 करोड़ रूपया बाँटने का आदेश दिया गया था. करीब 20 साल पहले 2 और 3 दिसंबर 1984 की दरमियानी रात को भोपाल के कीटनाशक कारखाने यूनियन कारबाईड से ज़हरिली गैस मिथाईल आइसोसाइनेट नामक गैस का रिसाव हुआ था. जिससे 15 हज़ार लोग मारे गए थे और एक लाख से ज़्यादा घायल हो गए थे. ज़हरीली गैस से सबसे ज़्यादा असर फेफड़ों तथा आँखों पर हुआ. ताज़ा सर्वेक्षण के अनुसार भोपाल में कैंसर के प्रकरणों में बढ़ोत्तरी हुई है. बीबीसी द्वारा जारी ताज़ा ख़बर में भोपाल के यूनियन कारबाईड कारखाने के आसपास की बस्तियों के भूमिगत जल में सामान्य से 500 गुना ज़हरीला पानी पाया गया है. 16 फरवरी सन् 1989 में बहुराष्ट्रीय कंपनी यूनियन कारबाईड कॉरपोरेशन यूएसए और भारत सरकार के बीच अदालत के बाहर मुआवज़े का एकमुश्त समझौता हुआ था. जिसमें सभी दावों का यूनियन कारबाईड ने 470 क़रीब 715 करोड़ रूपए पर सौदा हुआ. |
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