जलवायु सम्मेलन: विश्व भर में रैलियां, पेरिस में हिंसा

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पेरिस में होने जा रहे संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन से पहले दुनिया के अलग अलग हिस्सों में रविवार को रैलियां हुई हैं.

इन रैलियों में विश्व नेताओं से मांग की गई है कि वो जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए क़दम उठाएं.

पेरिस में एक जगह पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई. सौ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है

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इस मौक़े पर विश्व के नेताओं पर दबाव बनाने के लिए दो हज़ार से ज़्यादा आयोजन हो रहे हैं जिनकी शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के सिडनी से हुई. वहां दसियों हज़ार लोगों ने रैली में हिस्सा लिया.

पेरिस में एक जगह प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के एक बड़े ग्रुप पर आंसू गैस छोड़ी है. ख़बरों के मुताबिक कम से कम 100 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

फ़्रांस के मीडिया के मुताबिक पुलिस ने लोगों को शहर के बीचोंबीच स्थित प्लेस द ला रिपब्लिक से हटाना शुरु कर दिया है. वहीं ये झड़पें हुई थीं.

इससे पहले पेरिस में कार्यकर्ताओं ने एक मानव श्रंखला बनाई. हालांकि उन्होंने पेरिस में हालिया हमलों को देखते हुए बड़ी रैली की बजाय छोटी रैली ही की.

प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि औद्योगिकरण से पहले वाले स्तर के मुक़ाबले दुनिया के औसत तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा की वृद्धि न हो.

सिडनी में बहुत से लोगों ने अपने हाथों में तख़्तियां ले रखी थीं जिन पर लिखा था, "कोई प्लैनेट बी नहीं है" और "वैश्विक स्तर पर एकजुटता".

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ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर में हुई रैली में पांच हज़ार लोगों ने स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और विकास पर पड़ रहे जलयवायु परिवर्तन के असर को रेखांकित किया.

पर्यावरण संस्था ऑक्सफैम की कार्यकर्ता जूडी एडम्स ने कहा, "इस समस्या को पैदा करने में जिन लोगों का योगदान सबसे कम है, उन्हें ही सबसे ज़्यादा मार झेलनी पड़ रही है, जैसे प्रशांत क्षेत्र में हमारे भाई और बहन."

जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र का जल स्तर बढ़ रहा है जिसके कारण प्रशांत क्षेत्र में स्थित कुछ देशों के एक दिन लहरों में समा जाने का ख़तरा बढ़ रहा है.

पर्यावरण कार्यकर्ता जीवाश्व ईंधन से होने वाले प्रदूषण को रोकने की मांग कर रहे हैं

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पेरिस में होने वाले जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन में दुनिया के 150 नेता भाग लेंगे जिनमें अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हैं.

फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद ने जलवायु परिवर्तन को लेकर वैश्विक स्तर पर 'एक बाध्यकारी समझौते' की अपील की है, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि ऐसा करना आसान नहीं होगा.

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