'अधिकार मिलने तक जारी रहेगा मधेसी आंदोलन'

    • Author, बृज कुमार यादव
    • पदनाम, जनकपुर धाम से बीबीसी के लिए

नेपाल के दक्षिणी तराई में चल रहे मधेसी आंदोलन के सौ दिन पूरे हो चुके हैं.

मधेसी आंदोलन नए संविधान में कथित पक्षपात के ख़िलाफ़ चलाया जा रहा आंदोलन है. इस आंदोलन में अब तक 54 लोगों की जान जा चुकी है और लगभग सौ लोग घायल हुए हैं.

सीमा पर अघोषित नाकेबंदी के कारण देश के हर हिस्से में खाने-पीने की चीज़ों का अभाव हो गया है.

आंदोलन के सौ दिन पूरे होने के मौक़े पर आंदोलन में मारे गए लोगों को पांच मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गई.

आंदोलनरत दल तराई मधेस लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद डॉक्टर विजय कुमार सिंह कहते हैं कि ये आंदोलन जब तक अधिकार नहीं मिल जाता तब तक चलेगा.

लेकिन सरकार का कहना है कि आंदोलनकारियों की अधिकांश मांगें पूरी कर दी गई हैं.

अभी तक सरकार से हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुँच पाई है.

प्रोफ़ेसर सुरेन्द्र लाभ का मानना है कि आंदोलन से तराई में रहने वाले निचले तबक़े के लोग भी अपने अधिकार के विषय में जागरुक हुए हैं.

इमेज स्रोत, Getty

बीरगंज के प्रोफ़ेसर दीपक शाक्य बताते हैं कि मधेस से शुरू हुआ आंदोलन अब देश भर में फैल चुका है.

सप्तरी ज़िले मे दो दिनों से कर्फ़्यू लगा हुआ है बावजूद इसके आंदोलनकारी बाहर निकल रहे हैं और नारेबाज़ी कर रहे हैं.

दो सरकारी कार्यालयों में आग लगा दी गई. राजबिराज में कर्मचारियों ने अस्पताल और निजी क्लिनिकों में काम ठप कर दिया है.

पूर्वी-पश्चिमी हाईवे पर आंदोलनकारी क़ब्ज़ा किए हुए हैं.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>