नेपाल में चार प्रदर्शनकारियों की मौत

इमेज स्रोत, Subha Narayan Yadav
- Author, फणींद्र दहल
- पदनाम, बीबीसी नेपाली सेवा
दक्षिणी नेपाल में नए संविधान के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों में कम से कम चार लोग मारे गए हैं.
इन लोगों की मौत पुलिस के साथ झड़पों में गोली लगने से हुई है. दर्जनों अन्य प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं.
नेपाल के तराई और भारतीय सीमा से सटे इलाक़ों में रहने वाले मधेसी लोगों का कहना है कि नया संविधान उनके साथ भेदभाव करता है.

इमेज स्रोत, Getty
मधेसी दो महीनों से भारत-नेपाल सीमा पर विरोध कर रहे हैं. इससे नेपाल में भारत से होने वाली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है.
इस नाकेबंदी से नेपाल में दवाओं और खाने की ज़रूरी चीज़ों का संकट पैदा हो गया है.
नेपाल का आरोप है कि भारत इस नाक़ेबंदी का समर्थन कर हालात और ख़राब कर रहा है. हालांकि भारत ऐसे सभी आरोपों से इंकार करता रहा है.
इसी बीच दक्षिणी नेपाल में एंबुलेंस ड्राइवरों ने हिंसा के बीच अपनी सेवाएं रोकने की चेतावनी दी है.

बिराटनगर में दो एंबुलेंसों पर हुए हमले के बाद ड्राइवरों के संगठन ने ये चेतावनी जारी की है.
तीन ज़िलों के एंबुलेंस ड्राइवरों ने ज़िला प्रशासन को दिए ज्ञापन में कहा है कि जब तक सरकार और प्रदर्शनकारी एंबुलेंसों की सुरक्षा का भरोसा नहीं देंगे वो एंबुलेंस नहीं चलाएंगे.

इमेज स्रोत, bharatbandhuthapa
इसी बीच राजबिराज के सागरमाथा ज़ोनल अस्पताल ने कहा है कि पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में घुसकर कर्मचारियों के साथ बदतमीज़ी की है.
अस्पताल ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में अपना काम बंद कर दिया है. नेपाल के नए संविधान के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों में अब तक चालीस से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












