पत्रकारों को सज़ा पर विश्व समुदाय चिंतित

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ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राष्ट्र ने मिस्र में अल जज़ीरा के तीन पत्रकारों को मिली कैद की सज़ा पर चिंताई जताई है.

रविवार को मिस्र की एक अदालत ने समाचार चैनल अल जज़ीरा के इन पत्रकारों को गलत ख़बर प्रसारित करने और उचित परमिट न लेने का दोषी ठहराया और तीन तीन साल कैद़ की सज़ाएं सुनाईं.

मोहम्मद फ़ाहमी, बाहेर मोहम्मद और पीटर ग्रेस्टे को मिली सज़ा के फैसले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिक्रिया मिली है.

जिस वक़्त ये सज़ा सुनाई गई तब कनाडा के मोहम्मद फ़ाहमी और मिस्र के पत्रकार बाहेर मोहम्मद अदालत में ही मौजूद थे.

वहीं ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार पीटर ग्रेस्टे को फ़रवरी में उनके देश वापस भेज दिया गया था.

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फ़ैसले के बाद मोहम्मद फ़ाहमी की वकील ने कहा कि वे फ़ैसले से नाख़ुश हैं.

सज़ा सुनाए जाने के बाद पत्रकार पीटर ग्रेस्ट ने कहा है कि वे फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे.

इन तीनों पत्रकारों पर प्रतिबंधित गुट मुस्लिम ब्रदरहुड की सहायता करने के आरोप लगे थे. यह तीनों ही इन आरोपों को बेबुनियाद बताते रहे हैं.

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