डोनाल्ड ट्रंप: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति की कोर्ट में पेशी से निकला सबसे बड़ा संकेत

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इमेज कैप्शन, कोर्ट में पेशी के दौरान ट्रंप का भावहीन चेहरा.
    • Author, एंथनी ज़र्चर
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़, वॉशिंगटन

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरफ़्तारी और कोर्ट में उनकी पेशी जितनी ऐतिहासिक थी उतनी ही नाटकीय भी.

लेकिन लगता है कि जिन आपराधिक आरोपों का वो सामना कर रहे हैं, उससे लोगों के विचार नहीं बदलने जा रहे.

महज दो सप्ताह पहले, ट्रंप ने अनुमान लगाया था कि न्यूयॉर्क सिटी में उन पर मुकदमा चलाया जाएगा. ट्रंप समेत जब हर कोई सज़ा के इंतज़ार में था, तब तरह तरह की अफवाहें उड़ रही थीं.

हालांकि, उनके ख़िलाफ़ जो आरोप लगाए गए उसके बारे में लगभग हर किसी को जानकारी हो चुकी थी.

एडल्ट फ़िल्म स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को चुप रहने के लिए किए गए भुगतान को लेकर उन पर 34 गंभीर आरोप लगाये गए हैं.

हालांकि उन पर आपराधिक साज़िश के आरोप नहीं लगे. ग्रैंड ज्यूरी की ओर से ऐसा कोई नया अपराध आरोपित नहीं किया गया है जो किसी से छुपा हो. यह कोई मुश्किल मामला नहीं था.

मंगलवार सुबह जब ट्रंप मैनहैटन में जागे तब तक स्थिति काफ़ी साफ़ हो चुकी थी.

वीडियो कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप और पोर्न स्टार डेनिएल्स की पूरी कहानी

डेमोक्रेट क्यों चुप हैं?

भले ही कुछ सबूत इस ओर की इशारा करते हैं कि पैसे का भुगतान चुनाव को प्रभावित करने के पैटर्न का हिस्सा है, जैसा कि अभियोजन पक्ष का दावा है, तब भी ये मामला हमारे लिए नया था.

इससे पता चलता है कि जैसे जैसे ट्रायल आगे बढ़ेगा, पिछले कुछ दिनों से संघर्ष की जो स्थिति बन रही थी वो और स्पष्ट होती जाएगी.

ट्रंप ने जब पहली बार सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उन पर आपराधिक आरोप लगाए जा सकते हैं, तभी से रिपब्लिकन पार्टी के नेता उनके बचाव में मजबूती से खड़े हैं और ऐसा लगता है कि इस मामले में वो एकजुट बने रहेंगे.

यहां तक कि यूटा के सीनेटर मिट रोमनी ने एक बयान जारी कर कहा, "मिस्टर ब्रैग (जज) राजनीतिक एजेंडा पूरा करने के लिए ही मामले को खींच कर गंभीर अपराध के आरोप तक ले गए."

उन्होंने कहा, "अभियोजकों का हद पार करना, राजनीतिक विपक्षियों को अपराधी ठहराने की एक ख़तरनाक मिसाल है और हमारे न्यायिक तंत्र पर जनता के भरोसे को ठेस पहुंचाने वाला है."

लेकिन दिलचस्प है कि इस समय डेमोक्रेट चुप हैं और राष्ट्रपति जो बाइडेन का इशारा पाकर इस मुकदमे के बारे में शांत हैं.

मुकदमे की इस कार्यवाही पर वे चुप रहना ही चाहेंगे क्योंकि उनके उलझने से पूर्व राष्ट्रपति के राजनीतिक भविष्य को नुकसान पहुंचने की बजाए रिपब्लिकन पार्टी को अपनी लामबंदी मजबूत करने का मौका मिल जाएगा.

कोर्ट से बाहर समर्थकों से मिलते ट्रंप

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इमेज कैप्शन, कोर्ट से बाहर समर्थकों से मिलते ट्रंप.

क्या है ट्रंप की मंशा

अदालत के कमरे में ट्रंप के चेहरे पर कोई भाव नहीं था. वहां उन्होंने अपने ऊपर लगाए आरोपों से इनकार किया.

लेकिन उनकी सोशल मीडिया वेबसाइट और पूरे दिन चंदा इकट्ठा करने की अपील से ऐसा लगता है कि वो इस घटना का अपने पक्ष में इस्तेमाल करना चाहते हैं.

यही नहीं उन्होंने लगातार जज मिस्ट ब्रैग और न्यूयॉर्क सिटी के अभियोजकों की टीम के ख़िलाफ़ निशाना साधा और इसी की वजह से पीठासीन जज जुआन मर्चैन को आगे से उकसाऊ बयान देने को लेकर ट्रंप को चेतावनी तक देनी पड़ी.

ट्रंप ने मर्चैन की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और मुकदमे को मैनहैटन से ट्रांसफ़र कर स्टैटन आईलैंड भेजने की अपील की, जहां ज्यूरी में ट्रंप समर्थक अधिक हो सकते हैं.

ये भी कहा जा रहा है कि उनके वकील मुकदमे की सुनवाई से पहले ही आरोपों को ख़ारिज कर देने की याचिका दायर करने वाले हैं.

भले ही ट्रंप इस मुकदमे को बेहद कमज़ोर कहते हुए खारिज़ कर रहे हैं लेकिन उनकी क़ानूनी टीम की मुसीबत का अंत सिर्फ न्यूयॉर्क में ही नहीं है.

एक संघीय विशेष जांच और जॉर्जिया डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ट्रंप के इस मामले में अपनी स्वतंत्र जांच भी कर रहे हैं और वो अलग से आरोप लगा सकते हैं और इस तरह जज ब्रैग पर इतिहास बनाने के भार को साझा सकते हैं.

डोनल्ड ट्रंप

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हाईप्रोफ़ाइल ड्रामा

अमेरिका राष्ट्रीय स्तर पर हाई प्रोफ़ाइल क़ानूनी मामले का ड्रामा देख चुका है. इसमें करो मरो वाला राजनीतिक अभियान भी शामिल है. अब अमेरिकी जनता के सामने दोनों पक्ष हैं, साथ में भविष्य में भी बहुत कुछ छिपा है.

आने वाले समय में क़ानूनी लड़ाई और तीखी होगी जब एक तरफ़ कोर्ट में सुनवाई शुरू होगी और चुनावी अभियान भी तेज होंगे और सबसे उथल पुथल वाले इस दौर में पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप को अपना रास्ता बनाना है.

संभवतया, अमेरिका के पहले रियलिटी शो वाले राष्ट्रपति रहे ट्रंप के लिए ऐसे अभूतपूर्व घटनाक्रम कोई आश्चर्यजनक बात नहीं होनी चाहिए क्योंकि ट्रंप ने पिछले आठ सालों से सारी राजनीतिक परम्पराओं और शिष्टाचार को तिलांजलि देने की आदत बना रखी है.

जज मर्चैन ने ट्रंप की सुनवाई के दौरान कोर्ट में टेलीविज़न कैमरा के जरिए वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया था ताकि कोर्ट का माहौल सर्कस जैसा न बना जाए, जैसी आशंका थी.

लेकिन कोर्ट के बाहर मीडिया के सामने ट्रंप के समर्थकों और विरोधियों के बीच जिस तरह की नारेबाज़ी और प्रदर्शन चल रहे थे, आखिरकार वो सर्कस से कम नहीं थे.

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