रूस-यूक्रेन युद्ध: अमेरिकी प्रतिबंधों से रूस की अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान हो रहा है?

क्रेमलिन

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यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की ने कहा है कि लाइमन से रूसी सैनिक अब पूरी तरह बाहर जा चुके हैं. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सेना रूसी कब्ज़े में मौजूद यूक्रेन के इलाक़ों को पूरी तरह छुड़ा लेगी.

लाइमन शहर पर यूक्रेनी सेना के दोबरा कब्ज़े को अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉएड ऑस्टिन ने महत्वपूर्ण बताया है और कहा है कि यूक्रेनी सेना 'बढ़िया काम' कर रही है.

इस शहर का इस्तेमाल रूसी सेना ट्रांसपोर्ट केंद्र और संचालन के लिए कर रही थी. लेकिन इसी सप्ताह शनिवार को रूसी सेना को यहां से बाहर जाना पड़ा है.

लाइमन दोनोत्स्क में है और दोनेत्स्क उन चार इलाक़ों में से एक है जिन्हें शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आधिकारिक तौर पर रूस में शामिल कर लिया है.

इन दो के अलावा खेरसोन और ज़ापोरिज़िया के इलाक़ों को भी आधिकारिक तौर पर पुतिन ने रूस में शामिल कर लिया है. उन्होंने कहा है कि ये लोगों की राय है जिसका सम्मान किया जाना चाहिए. रूस ने कुछ दिनों पहले इन इलाक़ों में जनमत संग्रह कराए थे जिसकी यूक्रेन और पश्चिमी मुल्कों ने आलोचना की थी.

यूक्रेन के चार इलाक़ों को रूस में शामिल करने को लेकर पुतिन के समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद अमेरिका ने एक बार फिर रूस पर कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है.

वहीं रूस युद्ध के लिए ज़रूरी धन की व्यवस्था न कर सके, इस इरादे से यूरोपीय संघ भी रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है.

वीडियो कैप्शन, रूस-यूक्रेन जंग में 30 सितंबर का दिन इतिहास में दर्ज हो गया है.

क्या होते हैं प्रतिबंध?

आक्रामक रवैया अपनाने पर या फिर उसके अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन करने या करने से रोकने के लिए एक मुल्क दूसरे मुल्क पर दंडस्वरूप प्रतिबंध लगाते हैं. ये प्रतिबंध आर्थिक या फिर व्यापार से जुड़े हो सकते हैं.

ये वो कड़े कदम हैं जो कोई देश उठा सकता है, ये एक तरह से जंग लड़ने जैसा ही है.

अमेरिका और यूरोपीय संघ के ताज़ा कदम क्या हैं?

यूक्रेन के चार इलाक़ों में जनमत संग्रह कराने के लिए अमेरिका रूसी संसद के 278 सदस्यों पर प्रतिबंध लगाए हैं. वो रूस की डिफेन्स इंडस्ट्री से जुड़े 14 लोगों के ख़िलाफ़ भी प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है.

अमेरिका का कहना है कि वो रूस के बाहर ऐसे संगठनों को भी निशाना बनाएगा जो उसे सैन्य मदद दे रहे हैं या यूक्रेनी हिस्सों पर कब्ज़ा करने में उसकी मदद कर रहे हैं.

यूरोपीय कमिशन ने भी नए प्रतिबंधों की घोषणा की है और रूस से होने वाले आयात पर और प्रतिबंधों का प्रस्ताव दिया है. कमिशन हाई-टेक उत्पादों के निर्यात पर भी रोक लगाने की योजना बना रहा है.

लाइमन में प्रवेश करते यूक्रेनी सैनिक

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अब तक रूस पर क्या-क्या प्रतिबंध लगाए गए हैं?

पश्चिमी मुल्क रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उस पर दबाव बना रहे हैं.

अमेरिका ने रूस को अमेरिकी बैंकों में रखे विदेशी मुद्रा से कर्ज़ का भुगतान करने से रोक दिया है.

जाने-माने रूसी बैंकों को दुनियाभर में पैसों के लेनदेन के लिए इस्तेमाल होने वाली इंटरनेशनल फ़ाइनेन्शियल मेसेजिंग सिस्टम स्विफ्ट व्यवस्था से हटा दिया गया है. इस कारण रूस को दूसरे देशों से तेल और गैस के निर्यात से मिलने वाले भुगतान मिलने में देरी हो रही है.

ब्रिटेन ने बड़े रूसी बैंकों को यूके की आर्थिक व्यवस्था से बाहर कर दिया है. उसने रूसी बैंकों की संपत्ति फ्रीज़ कर दी है, रूसी कंपनियों के कर्ज़ लेने पर पाबंदी लगाई है और यूके की बैकों में रूसी नागरिकों के पैसा जमा करने को लेकर भी पाबंदी लगाई है.

तेल और गैस पर प्रतिबंध

इस साल दिसंबर से यूरोपीय संघ समंदर के रास्ते होने वाले रूसी तेल के आयात पर रोक लगाएगा.

फरवरी 2023 तक रूस से होने वाले रीफाइन्ड तेल उत्पादों पर यूरोपीय संघ रोक लगाएगा. यूरोपीय संघ ने रूसी कोयले का आयात रोक दिया है.

अमेरिका ने रूस से होने वाले सभी तेल और गैस के आयात पर रोक लगा दी है.

साल 2022 के अंत तक यूके रूसी तेल का इस्तेमाल बंद करेगा. यूके ने रूस से होने वाले गैस के आयात को रोक दिया है.

जर्मनी ने रूस से गैस के आयात के लिए बनी नॉर्डस्ट्रीम पाइपलाइन को खोलने की योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है.

इस साल दिसंबर से यूरोपीय संघ और जी7 रूस से तेल खरीदने वालों के लिए तेल की कीमत को भी सीमित करना चाहते हैं.

वो रूस से कच्चा तेल आयात करने वालों से कह रहे हैं कि अगर तय कीमत से अधिक का भुगतान किया गया तो पश्चिमी इन्श्योरेंस कंपनी तेल शिपमेन्ट को कवर नहीं करेंगे.

यूरोपी संघ ने अब तक रूस से आयात होने वाले गैस पर प्रतिबंध नहीं लगाए हैं क्योंकि इस मामले में यूरोपीय देश अपनी ज़रूरत के 40 फीसदी की आपूर्ति के लिए रूस पर निर्भर हैं.

रूसी नागरिकों पर प्रतिबंध

अमेरिका, यूरोपीय संघ, यूके और दूसरे कई मुल्कों ने क़रीब एक हज़ार रूसी नागरिकों और व्यवसायों पर प्रतिबंध लगाए हैं, इसमें रूस के तथाकथित धनी लोग यानी ओलिगार्क भी शामिल हैं.

माना जाता है कि ये वो धनी व्यवसायी हैं जो रूसी राष्ट्रपति के क़रीब हैं, जैसे कि चेल्सी फ़ुटबॉल टीम के पूर्व मालिक रोमन अब्रामोविच का नाम शामिल है.

अमेरिका, यूरोपीय संघ, यूके और कनाडा ने देश में मौजूद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोव की संपत्ति फ्रीज़ कर दी है.

जिन रूसी नागरिकों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं उनसे जुड़े सुपरयॉट्स को भी ज़ब्त कर लिया गया है.

न्यूयॉर्क में एल्युमिनियम व्यापार से जुड़े जानेमाने रूसी कारोबारी ओलेग दरीपास्का पर अमेरिकी प्रतिबंधों पर उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है.

प्रतिबंधों के तहत यूके ने 'गोल्डन वीज़ा' जारी करना बंद कर दिया है. इस व्यवस्था के तहत धनी रूसी नागरिकों को ब्रिटेन में रहने के अधिकार आसानी से मिल जाते थे.

चेल्सी फ़ुटबॉल टीम के पूर्व मालिक रोमन अब्रामोविच

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और क्या-क्या प्रतिबंध लगाए गए हैं?

यूके, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने ऐसे सामानों के निर्यात पर रोक लगाई है जिनका आम लोग और सेना दोनों ही इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे गाड़ियों के पुर्ज़े.

यूके, अमेरिका, यूरोपीय संघ और कनाडा के हावईक्षेत्र से सभी रूसी उड़ानों पर पूरी तरह रोक लगाई गई है.

रूस से होने वाले सोने के आयात पर रोक लगाई गई है. रूस को होने वाले लग्ज़री सामान के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया है.

यूके ने वोद्का (एक तरह की शराब) जैसे कुछ सामान के आयात पर 35 फीसदी का आयात कर लगाया है.

कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने या तो रूस के साथ व्यापार बंद कर दिया है या फिर पूरी तरह से रूसी बाज़ार से बाहर निकल गए हैं.

आंकड़ों में रूस की अर्थव्यवस्था

क्या रूस पर पड़ रहा प्रतिबंधों का असर?

तेल और गैस की बढ़ती दरों के कारण युद्ध के लिए पैसों की व्यवस्था करने में रूस को मदद मिल रही है.

रिसर्च संस्था आर्गुस मीडिया में प्रमुख अर्थशास्त्री डेविड फ़ेयफ़ कहते हैं कि बीते एक साल में रूस को कच्चे तेल से होने वाली आय में 41 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी.

वो कहते हैं, "रूस से होने वाले निर्यात का 40 फीसदी तेल है और इस कारण युद्ध के लिए पैसों की व्यवस्था करने में ये अहम है."

हालांकि डेविड फ़ेयफ़ कहते हैं कि प्रतिबंधों का असर अलग तरीके से रूस पर पड़ रहा है. वो कहते हैं, "हाई-टेक उपकरणों तक रूस की पहुंच रोकने से रूस कमज़ोर हो रहा है, ख़ासकर ऐसे उपकरण जिसकी मदद सेना को हो सकती है."

क्या है रूस की प्रतिक्रिया?

रूस ने देश से होने वाले 200 उत्पादों के निर्यात पर रोक लगाई है. इसमें टेलिकॉम, मेडिकल, गाड़ियां, खेती का सामान, बिजली के उपकरण और लकड़ी के उत्पाद शामिल हैं.

रूस ने सरकारी बॉन्ड्स रखने वाले विदेशी धारकों को ब्याज का भुगतान रोक दिया है, साथ ही रूसी कंपनियों के विदेश में मौजूद शेयरहोल्डरों को भुगतान करने पर भी रोक लगाई है.

उसने उन विदेशी निवेशकों पर रोक लगा दी है जिनके पास अरबों डॉलर मूल्य का रूसी निवेश है ताकि वो उन्हें बेच न सकें.

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