'एक मिनट नहीं रुकी बमबारी', यूक्रेन पर रूसी हमले के 11वें दिन क्या-क्या हुआ

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इमेज कैप्शन, कीएव से हज़ारों लोगों को बसों में सुरक्षित स्थानों तक ले जाया जा रहा है

यूक्रेन पर रूस के हमले का आज 12वां दिन है. राजधानी कीएव के उत्तर-पश्चिम के शहरों में लगातार बमबारी जारी है और रूसी सेना कीएव में दाख़िल होने की कोशिश कर रही है.

बूचा, होस्तोमेल और इरपिन में रूसी बलों के साथ भीषण संघर्ष जारी है. स्थानीय लोगों की मानें तो यहां एक मिनट ऐसा नहीं गुज़र रहा, जब धमाका न हुआ हो.

इरपिन से भागने की कोशिश करते हुए एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई. ये परिवार जिस पुल से होकर गुज़र रहा था, रूस का मोर्टार उसी पर जा गिरा.

यूक्रेन के उप प्रधानमंत्री ने कहा है कि रूस अब नागरिकों को निशाना बना रहा है, वो अस्पतालों, स्कूलों पर हमले कर रहा है.

उप प्रधानमंत्री ओल्हा स्टेफ़नीशिना ने बीबीसी से कहा कि यूक्रेनी सेना की ओर से कड़े प्रतिरोध के बाद, रूस ने नागरिकों के ख़िलाफ़ कई अभियान चलाए हैं.

उन्होंने रूस पर "आतंकवादी योजना" बनाने का आरोप लगाया, जो हवा और ज़मीन दोनों तरफ़ से हमले कर रहा है.

दूसरे विश्वयुद्ध के बाद यूरोप में सबसे बड़ा शरणार्थी संकट: यूएन

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इमेज कैप्शन, लाखों की संख्या में यूक्रेन के शरणार्थी पोलैंड पहुंचे हैं

यूक्रेनी शरणार्थियों की संख्या तेज़ी से बढ़ती जा रही है. संयुक्त राष्ट्र की रिफ़्यूजी एजेंसी (यूएनएचसीआर) के मुताबिक़, सिर्फ़ 10 दिनों के अंदर ही 15 लाख लोग देश से भाग गए हैं.

एजेंसी के हाई कमिश्नर फ़िलिपो ग्रैंडी ने इसे द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद से अब तक का सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ शरणार्थी संकट बताया है.

सबसे ज़्यादा शरणार्थी पोलैंड पहुंचे हैं. पोलैंड की सीमा सुरक्षा के जवानों के मुताबिक़, 24 फ़रवरी से लेकर अब तक यहां 9 लाख 22 हज़ार 400 शरणार्थी पहुंचे हैं.

मारियुपोल में फिर रुका बचाव अभियान

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इमेज कैप्शन, कीएव से हज़ारों लोगों को बसों में सुरक्षित स्थानों तक ले जाया जा रहा है

मारियुपोल में फंसे लोगों को निकालने के लिए दूसरी कोशिश भी चंद घंटों में ही नाक़ाम हो गई. दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर संघर्षविराम तोड़ने के आरोप लगा रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय संस्था रेड क्रॉस ने उम्मीद जताई है कि यहां से 2 लाख लोगों को निकालने का काम जल्द ही शुरू होगा. रेड क्रॉस के मुताबिक़, उनकी टीमों ने हमले शुरू होने से पहले मारियुपोल से ज़ेपोरज़िया तक रास्ता ख़ोलना शुरू कर दिया था.

मारियुपोल प्रशासन का कहना है कि नागरिकों को यहां से निकालने की योजना इसलिए रुक गई क्योंकि रूस की गोलाबारी ने लोगों के सुरक्षित निकास को नामुमकिन बना दिया.

ये शहर पांच दिनों से पानी, बिजली, सफ़ाई के बिना जी रहा है. लोगों के पास पीने का पानी और खाना भी तेज़ी से ख़त्म हो रहा है.

पूरे रूस में प्रदर्शन जारी, हज़ारों हिरासत में लिए गए

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इमेज कैप्शन, सेंट पीटर्सबर्ग में 300 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया

मानवाधिकार समूहों और रूसी प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक़, रविवार को पूरे रूस में युद्ध के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वाले चार हज़ार लोगों को हिरासत में लिया गया.

गृह मंत्रालय के हवाले से रिया न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि इनमें से 1700 लोगों को तो सिर्फ़ मॉस्को में पकड़ा गया है.

ओवीडी-इन्फ़ो राइट्स ग्रुप का कहना है कि पश्चिम में सेंट पीटर्सबर्ग से लेकर पूर्व में व्लादिवोस्तक तक रूस के 53 शहरों में लोगों को हिरासत में लिया गया.

रूस में हाल के सालों में प्रदर्शनों पर पाबंदी लगाई गई है लेकिन यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से यहां कई रैलियां आयोजित हुई हैं.

ओवीडी-इन्फ़ो के मुताबिक़, युद्ध शुरू होने से लेकर अब तक 10 हज़ार से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.

युद्ध में मिलिट्री कपल ने रचाई शादी

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इस भयानक मंज़र के बीच कुछ ख़ुशी के पल भी देखने को मिले.

कीएव के पास एक सैन्य चेकपॉइंट पर एक यूक्रेनी जोड़े ने शादी की.

इस शादी में कीएव के मेयर विताली क्लित्स्को भी मेहमान बनकर पहुंचे.

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