यूक्रेनः आठवें दिन क्या-क्या हुआ? बीबीसी संवाददाताओं ने क्या देखा

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यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध का आठवां दिन बीत गया है. मारियुपोल शहर के निवासियों ने रूसी सेनाओं की तरफ़ से लगातार जारी बमबारी का विवरण देते हुए बताया है कि शहर में भीषण तबाही हो रही है.
रूस की सेनाएं रणनीतिक रूप से अहम इस दक्षिणी तटीय शहर पर क़ब्ज़े का प्रयास कर रही हैं.
पेशे से आईटी डेवलपर मैक्सिम ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि वो और उनके परिजन बेहद डरे हुए हैं.
मैक्सिम और उनके दादा-दादी एक छह मंज़िला इमारत के अपने अपार्टमेंट में हैं. ये परिवार घर छोड़कर जाने में असमर्थ है.

शहर के डिप्टी मेयर सर्गेई ओर्लोव ने बताया है कि अब समूचे शहर में पीने का पानी की आपूर्ति बाधित है और बिजली कट गई है.
उन्होंने कहा, "हम पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं. बमबारी हमें बर्बाद कर रही है. अब सिर्फ़ प्राकृतिक गैस की आपूर्ति ही बची है."

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मारियुपोल की भोगौलिक स्थिति रणनीति रूप से बेहद अहम है. यदि ये शहर रूस के क़ब्ज़े में आया तो क्राइमिया से आगे बढ़ रहे रूसी बल पूर्व में अलगाववादियों के नियंत्रण वाले इलाक़े तक पहुंच सकेंगे.
ये यहां अलगाववादी सैन्यबलों के साथ मिल जाएंगे.
इससे पहले रूस की सेनाओं ने अन्य अहम शहर ख़ेरसोन पर क़ब्ज़ा कर लिया था.
ये पहला ऐसा बड़ी आबादी वाला शहर है जो एक सप्ताह से अधिक से जारी लड़ाई के बाद रूस की सेना के नियंत्रण में आया है.
बमबारी में बर्बाद हो रहे शहर

इस युद्ध में अब विनाश की तस्वीरें सामान्य बात होती जा रही हैं.
बोरोडयांका शहर से डरा देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. राजधानी कीव के उत्तर-पश्चिम में स्थित इस शहर में ड्रोन से मिली फुटेज में रूसी हमलों की विनाशलीला दिख रही है.
तस्वीरों में बर्बाद हुए रूसी सेना के भारी वाहन भी दिख रहे हैं.
वहीं स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने रूस के हमले को नाकाम कर दिया है.
रूस अपना मक़सद पूरा होने तक सैन्य अभियान जारी रखेगा- पुतिन

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भीषण लड़ाई और बमबारी के बीच कूटनीतिक तरीक़े से संघर्ष का हल निकालने के प्रयास भी चल रहे हैं.
गुरुवार को एक अज्ञात स्थान पर रूस और यूक्रेन के वार्ताकारों ने बैठक की.
दोनों पक्षों ने बताया है कि अस्थायी संघर्षविराम की संभावना पर सहमति बनी है ताकि मानवीय कॉरिडोर स्थापित किया जा सके.
इसी बीच फ़्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करके उन्हें समझाने की कोशिश की.
मैक्रों ने पुतिन से कहा कि यूक्रेन पर आक्रामण एक गंभीर गलती है और पुतिन जिस तरह परिस्थिति को देख रहे हैं, वास्तविकता उससे अलग है.
दोनों नेताओं ने 90 मिनट तक फ़ोन पर बात की लेकिन सहमति की जगह बहुत कम थी.
राष्ट्रपति पुतिन ने टीवी पर दिए भाषण में कहा कि जब तक रूस की सेना का मक़सद पूरा नहीं हो जाएगा, उसका अभियान जारी रहेगा.
उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन का असैन्यकरण करना चाहता है.
बात में अपनी सुरक्षा परिषद के साथ बैठक में पुतिन ने कहा कि वो अपने इस विश्वास को कभी अडिग नहीं होने देंगे कि रूस और यूक्रेन के लोग एक ही हैं.
'हम योद्धा हैं'

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यूक्रेन की राजधानी कीएव के बाहर बीबीसी संवाददाता ओर्ला गुरियन ने शहर की सुरक्षा की कोशिश कर रहे स्वयंसेवकों से बात की.
शहर के बाहर जंगल के भीतर ये लोग खंतियां खोद रहे हैं ताकि रूस की आगे बढ़ती सेना को रोका जा सके.
आशंका ज़ाहिर की जा रही है कि चंद दिनों के भीतर ही रूस की सेना कीएव में दाख़िल होने का प्रयास कर सकती है.
हमारे संवाददाताओं का कहना है कि यहां के दृश्य दूसरे विश्व युद्ध की याद दिलाते हैं.
ओर्ला गुरियन बताती हैं कि लोगों के पास भारी हथियार नहीं है. वो फावड़ों और कुदालों से लैस हैं और गड्ढे खोदने में लगे हैं.
हर हाथ में कुदाल है और काम जारी है ताकि आगे बढ़ती रूस की सेना को रोका जा सके.
पेशे से वकील 36 वर्षीय डेनीज़ कहते हैं, "मैं अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपनी मातृभूमि के लिए लड़ने की तैयारी कर रहा हूं. अब हम योद्धा हैं और अपनी ज़मीन की रक्षा करेंगे. हम अपने ख़ून के आख़िरी क़तरे तक लड़ेंगे."
रूस की सेना अभी तक कीएव में दाख़िल होने में कामयाब नहीं रही है.
कई दिनों से रूस की सेना का एक बड़ा बेड़ा शहर के उत्तर में ठहरा हुआ है. रिपोर्टों के मुताबिक रूसी सेना के भारी वाहनों का काफ़िला 60 किलोमीटर तक लंबा है.
डूब गया इस्टोनिया का जहाज़

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वहीं यूक्रेन के दक्षिण में इस्टोनिया का एक मालवाहक जहाज़ धमाके के बाद डूब गया है.
ये जहाज़ यूक्रेन के नज़दीक काले सागर के तटीय शहर ओडेसा के पास डूबा है.
यूक्रेन के मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक रूस की नौसेना इस जहाज़ का इस्तेमाल यूक्रेन की तरफ़ से हो रही बमबारी के ख़िलाफ़ कवच के रूप में कर रही थी.
इस जहाज़ के चालक दल के सभी छह सदस्यों को बचा लिया गया है.
बाल्टिक देश इस्टोनिया नेटो का सदस्य है और उसकी सीमा रूस से लगी है.
अरबपतियों पर प्रतिबंध

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ब्रिटेन ने रूस पर लगाए प्रतिबंधों के दायरे में पुतिन समर्थक दो और अरबपतियों को ले लिया है.
अलीशेर उस्मानोव की कंपनी यूएसएम इंगलिश प्रीमियर लीग की दो टीमों अर्सेनल और इवर्टन की प्रायोजक है.
जबकि दूसरे कारोबारी इगोर शुवालोव एक समय पुतिन के उप प्रधानमंत्री थे.
इन अरबपतियों की संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया जाएगा और उनके ब्रिटेन आने पर प्रतिबंध रहेगा.
इससे पहले जर्मनी ने हमबर्ग में उस्मानोव की 60 करोड़ डॉलर कीमत की एक याट को ज़ब्त कर लिया.
एक और अरबपति तेल कंपनी रोसनेफ्ट के सीईओ इगोर सेचिन की याट को फ्रांस ने ज़ब्त कर लिया है.
वहीं अमेरिका ने भी 19 रूसी कारोबारियों पर नए और सख़्त प्रतिबंध लगाए हैं. इनमें अलिशेर उस्मानोव भी शामिल हैं.
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