यूक्रेन पर रूसी हमला: चीन ने न्यूयॉर्क टाइम्स की ख़बर को बताया फ़ेक न्यूज़, क्या है मामला?

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चीन के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने पिछले महीने रूस के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा था कि वो बीजिंग विंटर ओलंपिक खेलों के ख़त्म होने से पहले यूक्रेन पर हमला ना करें.
अमेरिकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी सरकार के कुछ अधिकारियों और पश्चिम की एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट की जानकारी रखनेवाले एक यूरोपीय अधिकारी के हवाले से एक रिपोर्ट प्रकाशित की है.
लेकिन चीन ने न्यूयॉर्क टाइम्स के दावे को फ़ेक न्यूज़ क़रार दिया है. पत्रकारों से बात करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि ये सब मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने की निंदनीय कोशिश है.
प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "न्यूयॉर्क टाइम्स की ख़बर प्योर फ़ेक न्यूज़ हैं."
न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि इस ख़ुफ़िया रिपोर्ट से ये संकेत मिलता है कि चीन की वरिष्ठ अधिकारियों को शायद रूसी हमले की कोई जानकारी या उनकी योजना या इरादे की कोई जानकारी थी.
4 फ़रवरी को बीजिंग ओलंपिक के उद्घाटन के मौके पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन गए थे जहाँ उनकी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात हुई थी.
न्यूयॉर्क टाइम्स अपनी रिपोर्ट में लिखता है कि दोनों देशों ने तब 5,000 शब्दों का एक बयान जारी कर कहा था कि उनकी साझेदारी की "कोई सीमा नहीं" है, उन्होंने साथ ही नेटो के विस्तार की निंदा की थी और इस बात पर ज़ोर दिया था कि वो दुनिया में एक नई व्यवस्था को स्थापित करेंगे जो सच्चे मायनों में "लोकतंत्र" होगा.
चीन के बीजिंग शहर में विंटर ओलंपिक खेलों का समापन 20 फ़रवरी को हुआ. इसके चार दिन बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया.
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चीन ने कहा- "अटकलबाज़ी"
इस बारे में जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से इसकी पुष्टि की है कि चीन ने ऐसा आग्रह किया था. हालाँकि सूत्र ने और ब्यौरा देने से इनकार कर दिया.
अमेरिका में वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने इस ख़बर का खंडन किया है. दूतावास के एक प्रवक्ता लिउ पेंग्यू ने रॉयटर्स से कहा, "रिपोर्ट में किए गए दावे बस अटकलबाज़ी हैं जिनका कोई आधार नहीं, और इनका इरादा दूसरे पर आरोप लगाना और चीन को बदनाम करना है."
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अमेरिकी विदेश विभाग, उनकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए और अमेरिकी राष्ट्रपति की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने रॉयटर्स के अनुरोध पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चीन और रूस के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत की ख़ुफ़िया जानकारी पश्चिम की एक ख़ुफ़िया सेवा ने जुटाए और उनकी समीक्षा करने वाले अधिकारियों ने इसे विश्वसनीय पाया.
रॉयटर्स के अनुसार न्यूयॉर्क टाइम्स ने इससे पहले भी इस तरह की रिपोर्ट की थी जिसकी अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की थी. इसमें कहा गया था कि यूक्रेन में रूसी सेना के जमावड़े की रिपोर्ट अमेरिका इस मक़सद से चीन के वरिष्ठ ख़ुफ़िया अधिकारियों को भेजता है ताकि वो रूस को आक्रमण नहीं करने के लिए समझा सके.

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क्या कहते हैं जानकार
टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि अमेरिका और उनके सहयोगी देशों ने के वरिष्ठ अधिकारियों ने यूक्रेन पर हमले के समय से जुड़ी ख़ुफ़िया जानकारी आगे बढ़ाई थी मगर ख़ुफ़िया एजेंसियों ने इसका अलग-अलग अर्थ निकाला, साथ ही ये भी स्पष्ट नहीं है कि ये सूचना कितने व्यापक स्तर पर साझा हुई.
इस जानकारी से वाकिफ़ एक अधिकारी ने अख़बार से कहा कि इन सूचनाओं से ये मतलब निकालना ज़रूरी नहीं था कि हमले की बातचीत पुतिन और शी जिनपिंग के स्तर पर हुई.
सेंटर फ़ॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशल स्टडीज़ नामक थिंकटैंक में चीन मामलों की जानकार बॉनी लिन ने रॉयटर्स से कहा कि ये स्पष्ट नहीं है कि पुतिन के इरादों की शी जिनपिंग को कितनी भनक थी.
उन्होंने कहा कि चीन ख़ुद भी अपने नागरिकों को यूक्रेन से हटाने के मामले में मुस्तैद नहीं था जिससे ये संकेत मिलता है कि वो पूरी तरह तैयार नहीं थे.
वो कहती हैं, "अभी तक जो भी प्रमाण हैं, उससे हम किसी भी संभावना को ख़ारिज नहीं कर सकते - कि शी को पता नहीं था (जो कि ग़लत बात है), और ये कि शायद उनको पता था (ये भी एक ग़लत बात है)."

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बीजिंग विंटर पैरालंपिकः रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों पर रोक
इस बीच चीन की राजधानी बीजिंग मे होने वाले पैरालंपिक में रूस और बेलारूस के खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले सकेंगे.
अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति ने पहले इसको लेकर तटस्थ रहने का फ़ैसला किया था जिसकी ज़ोरदार आलोचना हुई थी.
इसके बाद समिति ने अपना फ़ैसला पलट दिया है. उसने एक बयान में कहा है कि "एथलीट विलेज में स्थिति अस्थिर" हो चुकी थी.
बीजिंग विंटर पैरालंपिक खेलों का उद्घाटन आगामी रविवार 6 मार्च को होना है.
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