उत्तर कोरिया इस परीक्षण को लेकर गोपनीयता क्यों बरत रहा है?

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उत्तर कोरिया ने कहा है कि अपने एक उपग्रह परीक्षण स्थल से उसने एक "बेहद महत्वपूर्ण परीक्षण" किया है.
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने बताया कि ताज़ा परीक्षण के नतीजों का इस्तेमाल देश की रणनीतिक स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा. हालांकि इस परीक्षण के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी गई है.
विश्लेषकों का मानना है कि यह परीक्षण एक उपग्रह लॉन्चर या एक इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक लॉन्चर का हो सकता है.
यह परीक्षण ऐसे समय में किया गया है जब अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच परमाणु निःशस्त्रीकरण को लेकर चल रही बातचीत बिना किसी नतीजे के रुक गई है.
संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरियाई राजदूत किम सोंग ने शनिवार को एक बयान में कहा, "हमें अब अमरीका के साथ लंबी बातचीत करने की ज़रूरत नहीं है और परमाणु निःशस्त्रीकरण पर बातचीत पहले ही ठप पड़ चुकी है."

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नहीं हुआ समझौता
एक नये समझौते के लिए उत्तर कोरिया ने अमरीका को साल के अंत तक का समय दिया था. उत्तर कोरिया चाहता है कि इसके ज़रिए महत्वपूर्ण प्रतिबंधों से उसे राहत मिले. हालांकि उत्तर कोरिया का ये कहना था कि यदि ऐसा नहीं होता तो वो "दूसरा रास्ता" अख़्तियार करेगा.
इसी सप्ताह शनिवार को अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्हें अभी भी किसी तरह के समझौते पर पहुंचने की उम्मीद बाक़ी है.
2018 में ट्रंप ने अपनी विदेश नीति में उत्तर कोरिया को केन्द्र में रखा था. उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन के साथ परमाणु निःशस्त्रीकरण के मुद्दे को लेकर हुई दो शिखरवार्ता के बावजूद किसी महत्वपूर्ण नतीजे पर पहुंचने में वो नाकाम रहे थे.
उत्तर कोरिया का हालिया परीक्षण, सुरहे उपग्रह परीक्षण स्थल से किया गया है जिसके बारे में अमरीका ने एक बार कहा था कि किम जोंग-उन ने उसे बंद करने का वादा किया था.
केसीएनए ने ख़बर दी है, "निकट भविष्य में हाल के महत्वपूर्ण परीक्षण के परिणामों का डीपीआरके (उत्तर कोरिया) की रणनीतिक स्थिति बदलने में एक अहम भूमिका होगी."

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रॉकेट क्षमता बढ़ाने पर ज़ोर
अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर संयुक्त राष्ट्र और अन्य प्रतिबंधों का सामना कर रहे उत्तर कोरिया ने इस साल की शुरुआत से कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण फिर से शुरू कर दिया था.
एक साल से अधिक समय के बाद उत्तर कोरिया ने कहा कि अमरीका ने उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ सैन्य बल का इस्तेमाल करने का अधिकार सुरक्षित रखा है.
विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमरीका से रियायतें नहीं मिलती हैं तो उत्तर कोरिया एक अंतरिक्ष उपग्रह लॉन्च कर सकता है.
इससे उसे एक लंबे दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च करने की बजाय उसे कम उकसावे वाले तरीक़े से अपने रॉकेट क्षमताओं का परीक्षण करने की क्षमता हासिल हो जाएगी.
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