किम जोंग-उन से मिलने के बाद सहयोगी देशों से डोनल्ड ट्रंप ने क्या कहा

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दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास रद्द करने के बाद अमरीका ने सुरक्षा संबंधी प्रतिबद्धताओं को लेकर अपने सहयोगियों को आश्वस्त किया है.

मंगलवार को सिंगापुर में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से हुई ऐतिहासिक मुलाक़ात के बाद अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने संयुक्त सैन्य अभ्यास रद्द करने की घोषणा की थी.

ट्रंप की इस घोषणा को उत्तर कोरिया के लिए एक बड़ी रियायत के तौर पर देखा जा रहा है.

वीडियो कैप्शन, ट्रंप और किम जोंग उन की ऐतिहासिक मुलाक़ात

अमरीका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास को कई बार 'वॉर गेम्स' भी कहा जाता है.

ये 'वॉर गेम्स' कोरियाई प्रायद्वीप समेत चीन और रूस के लिए भी चर्चा का विषय रहे हैं.

'उत्तेजक' संयुक्त सैन्य अभ्यास

ट्रंप और किम के बीच हुई ये अपनी तरह की पहली बैठक थी. दोनों नेताओं के लिए चर्चा के दो बड़े मुद्दे थे- एक, कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम करना और दूसरा, परमाणु हथियारों पर रोक लगाना.

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इस बैठक के बाद डोनल्ड ट्रंप ने ये भी कहा कि वो अमरीका के सैनिकों को कोरियाई प्रायद्वीप से वापस बुलाना चाहते हैं. हालांकि, अमरीका कब तक इसपर फ़ैसला करेगा? इस बारे में डोनल्ड ट्रंप ने कोई स्पष्ट समय सीमा का ज़िक्र नहीं किया.

डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि भले ही अमरीका अपने संयुक्त सैन्य अभ्यास का बचाव करता रहा हो, लेकिन वो 'उत्तेजक' थे.

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दक्षिण कोरिया में अमरीका के लगभग 30,000 सैनिक तैनात हैं. हर साल अमरीका कुछ अन्य सैनिकों को एक बड़े सैन्य अभ्यास में शामिल होने के लिए प्रशांत महासागर में अमरीकी द्वीप गुआम पर भेजता है.

वहीं उत्तर कोरिया इस संयुक्त सैन्य अभ्यास को आक्रमण की तैयारी के रूप में देखता है. जबकि सोल में बैठी दक्षिण कोरियाई सरकार इसे डिफ़ेंस की तैयारी कहती है.

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अब डोनल्ड ट्रंप ने ये भी कहा है कि इस बड़े सैन्य अभ्यास को रद्द करने से काफ़ी पैसा बचाया जा सकेगा. लेकिन अपनी बात में वो ये जोड़ना नहीं भूले कि उत्तर कोरिया के साथ अगर सहयोग जारी नहीं रह पाया, तो इसे दोबारा बहाल किया जा सकता है.

क्या ये घोषणा तय थी?

अमरीका के रक्षामंत्री जिम मैटिस ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि ये सैन्य अभ्यास बातचीत के एजेंडे में था.

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हालांकि, पेंटागन की प्रवक्ता डेना व्हाइट ने इस बयान पर कहा कि ये कहना ठीक नहीं है क्योंकि रक्षामंत्री जिम मैटिस से वक़्त रहते इस बारे में राय भी ली गई थी.

बीबीसी को भेजे एक बयान में उन्होंने कहा, "सहयोगियों के साथ अमरीका का गठबंधन लोहे की तरह मज़बूत है और हम इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करते हैं."

दक्षिण कोरिया की प्रतिक्रिया

दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वो राष्ट्रपति ट्रंप की इस घोषणा से हैरान है.

हालांकि वो जानते हैं कि ये उत्तर कोरिया की सबसे प्रमुख मांग भी थी.

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एक आधिकारिक बयान में दक्षिण कोरिया ने कहा, "हम डोनल्ड ट्रंप के बयान का सटीक अर्थ समझना चाहते हैं. साथ ही आवश्यकता है कि हम इस घोषणा के पीछे राष्ट्रपति ट्रंप के इरादे को भी समझें."

कुछ अन्य देशों की राय

जापान के रक्षा मंत्री ने अमरीका के संयुक्त सैन्य अभ्यास रद्द करने के फ़ैसले पर चिंता व्यक्त की है. उनका कहना है कि इस अभ्यास ने पूरे इलाक़ें में शांति और सुरक्षा स्थापित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

चीन ने कहा है कि दोनों नेताओं की मुलाक़ात से उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों में राहत का रास्ता भी साफ़ हो सकता है.

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ईरान ने कहा है कि उत्तर कोरिया को अमरीका पर भरोसा नहीं करना चाहिए. राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के साथ हुए परमाणु क़रार को ख़त्म कर चुके हैं.

रूस ने भी इसी तरह की चेतावनी दी है, जबकि जापान ने इसे सिर्फ़ एक शुरुआत बताया है.

मेहमाननवाज़ी को तैयार किम और ट्रंप

इस बीच उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने किम जोंग-उन के सामने अमरीका की यात्रा का प्रस्ताव रखा था जिसे उत्तर कोरियाई नेता ने स्वीकार कर लिया है.

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केसीएनए समाचार एजेंसी के अनुसार, किम जोंग-उन ने भी अमरीका के राष्ट्रपति को सही समय देखकर, प्योंगयांग (उत्तर कोरिया) का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया है.

केसीएनए का दावा है कि दोनों नेताओं ने ख़ुशी-ख़ुशी एक दूसरे का न्योता स्वीकार कर लिया है.

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