BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 09 मई, 2009 को 15:47 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'मनमोहन-सोनिया के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहेंगे'

लालू प्रसाद यादव और राबड़ी बीबीसी की टीम के साथ पटना में
लालू का दावा है कि उन्होंने छपरा में जितना विकास किया वो पचास साल में नहीं हुआ

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष और रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव का कहना है कि उन्होंने कभी भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के ख़िलाफ़ न तो कुछ कहा है और न ही कहेंगे.

बीबीसी के साथ बातचीत के दौरान लालू प्रसाद ने कहा कि वो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहेंगे.

चुनाव से पहले बिहार में कांग्रेस के साथ गठबंधन टूटने के बाद दोनों दलों के बीच खटास पैदा हो गई थी.

उनका कहना था, "कांग्रेस पार्टी अपना आधार बढ़ाना चाहती है तो बढ़ाए लेकिन मैं मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बारे में कुछ नहीं कह सकता. पार्टी के ख़िलाफ़ हमारे उम्मीदवार मैदान में हैं."

मुद्दा

बिहार में लोकसभा चुनावों के दौरान भले ही विकास का मुद्दा बनने की बात हो रही हो लेकिन रेल मंत्री और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद कहते हैं कि बिहार में जाति के नाम पर ही वोट डाले जाते हैं.

 कांग्रेस पार्टी अपना आधार बढ़ाना चाहती है तो बढ़ाए लेकिन मैं मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बारे में कुछ नहीं कह सकता. पार्टी के ख़िलाफ़ हमारे उम्मीदवार मैदान में हैं
लालू प्रसाद

विकास के नाम पर चुनाव लड़े जाने के मुद्दे पर सवालों के जवाब में उनका कहना था, "अगर विकास मुद्दा होता तो छपरा लोकसभा सीट पर मेरे ख़िलाफ़ एक भी वोट नहीं डाला जाता क्योंकि मैंने वहां जितना विकास किया वो 50 साल में नहीं हुआ लेकिन मेरे ख़िलाफ़ वोट पड़े हैं. मतलब साफ़ है लोगों के लिए विकास मुद्दा नहीं है."

यह बताए जाने पर कि राज्य के कुछ ब्राह्मण बहुल इलाक़ों में ट्रेन सेवाएं शुरु किए जाने से ब्राह्मण उनसे खुश हैं तो वो तपाक से जवाब देते हैं, "लेकिन वोटवा तो नहीं न दिया हमको."

तो क्या विकास से जाति की बाधाएँ ख़त्म नहीं होती, लालू कहते हैं, "जब हम ट्रेन चलाते हैं तो क्या एक ही जाति के लोगों को फ़ायदा होता है. सबको फ़ायदा होता है लेकिन वोट सबका नहीं मिलता है हमको. नई पीढ़ी धीरे धीरे जाति को खत्म करेगी. अभी तो ये मुद्दा रहेगा."

लालू पहले भी मुस्लिम और यादव समीकरण के कारण जीतते रहे हैं लेकिन इस बार मुस्लिमों के कांग्रेस की तरफ़ रुख करने से वो थोड़े चिंतित दिखते हैं.

वे दावा करते हैं कि रामविलास पासवान के साथ उनका गठबंधन राज्य की 40 में से आधी से अधिक सीटें जीत सकता है लेकिन उनकी आवाज़ में ठोस आत्मविश्वास नहीं दिखता है.

समीकरण

ऐसा इसलिए भी है क्योंकि लालू ज़मीनी नेता हैं और उन्हें भी ये बात समझ में आई है कि उनका जातिगत समीकरण पूरी तरह से काम नहीं कर सका है.

चुनाव के बाद की परिस्थितियों पर उनका रुख साफ़ है कि वो यूपीए गठबंधन के साथ रहेंगे और इतना ही नहीं वाम दलों के लिए भी दरवाज़ा खुला रखने का आश्वासन भी देते हैं.

वे कहते हैं, "वाम दलों के लिए मेरे दिल में नरमी है. हम उनसे नफ़रत नहीं कर सकते. मैं बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने के लिए कोई भी क़ुर्बानी देने को तैयार हूं."

लालू के दावों की सच्चाई की सच्चाई 16 मई को परखी जाएगी लेकिन हां इतना स्पष्ट है कि लालू प्रसाद आगे भी जाति की राजनीति करते रहेंगे और ये स्वीकार करने में वो ईमानदारी बरतते हैं.

दुल्हाचुनाव-शादी साथ नहीं
बिहार में शादी-ब्याह का मौसम है, लेकिन चुनाव में शादियाँ टाली जा रहीं हैं.
साधू यादव'मैंने नहीं,लालू ने छोड़ा'
साधु यादव का कहना है कि बिहार की बदहाली के लिए लालू भी ज़िम्मेदार हैं.
रानी पाल'माँ की गांधीगिरी'
इलाहाबाद की एक महिला बेटे के कथित क़ातिल के ख़िलाफ़ चुनाव मैदान में है.
उलेमा काउंसिल...?
आज़मगढ़ की चुनावी जंग को नए मायने देने में जुटी उलेमा काउंसिल...
नरेंद्र मोदी'बूढ़िया' नहीं गुड़िया'
नरेंद्र मोदी के अनुसार वे कांग्रेस पार्टी 'बूढ़िया' नहीं बल्कि 'गुड़िया' कहेंगे.
एक भाजपा कार्यकर्ताजम्मू की चुनावी जंग
जम्मू लोकसभा सीट कायम रखना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा.
इससे जुड़ी ख़बरें
सोनिया के निशाने पर आए लालू
11 अप्रैल, 2009 | चुनाव 2009
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>