शहाबुद्दीन के ख़िलाफ़ कोर्ट जाएंगे प्रशांत

शहाबुद्दीन

इमेज स्रोत,

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि वो पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को मिली जमानत के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे.

प्रशांत भूषण ने इस मामले में बिहार सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस दिशा में खुद राज्य सरकार को पहल करनी चाहिए थी.

शहाबुद्दीन को पटना हाईकोर्ट ने जमानत दी है और वो करीब 11 साल बाद शनिवार को जेल से रिहा हुए हैं.

प्रशांत भूषण ने रविवार को बीबीसी को बताया कि शहाबुद्दीन के ख़िलाफ़ चल रहे मामले में पीड़ित परिवार ने उनसे संपर्क किया और मदद करने की अपील की है.

उन्होंने कहा, "मेरे पास एक व्यक्ति का फोन आया था. वो कह रहे थे कि वो बहुत भयभीत हैं. मुझे भी लगा कि ऐसे शख्स को जिसे हत्या और अपहरण जैसे संगीन अपराधों में दोषी ठहराया जा चुका है. उसे जमानत देने का कोई औचित्य ही नहीं था. मैं इस मामले में मदद करूंगा और कागज मिलते ही जमानत रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा."

प्रशांत भूषण

इमेज स्रोत, PTI

प्रशांत भूषण शहाबुद्दीन को मिली जमानत में बिहार सरकार और राज्य पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि शहाबुद्दीन की जेल से रिहाई के पहले ही राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में अपील करनी चाहिए थी.

उन्होंने कहा, "राज्य सरकार अगर ठीक से विरोध करती तो जमानत मिलना मुश्किल था. अगर किसी वजह से जमानत मिल भी गई तो राज्य सरकार की ओर से उसकी तुरंत अपील होनी चाहिए थी. शहाबुद्दीन राष्ट्रीय जनता दल के सदस्य थे और ये पार्टी सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है इसलिए ऐसा लगता है कि इसमें सरकार और पुलिस की भी मिलीभगत थी."

उधर, जेल के बाहर आने के बाद से शहाबुद्दीन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 'परिस्थितियों का मुख्यमंत्री' बता रहे हैं.

नीतीश कुमार

इमेज स्रोत, biharpictures.com

शहाबुद्दीन के बयानों के बाद बिहार के सत्ताधारी गठबंधन में परस्पर विरोधी सुर सुनाई दे रहे हैं. राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने भी कहा है कि वो 'नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के फ़ैसले से सहमत नहीं थे'.

हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शहाबुद्दीन के बयानों को तूल देने के इरादे में नहीं दिखते.

उन्होंने मीडिया से कहा, "दुनिया को मालूम है कि बिहार की जनता का जनादेश क्या है? हम जनादेश के मुताबिक चलें या कोई कुछ कह रहा है उस पर ध्यान दें."

वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने शहाबुद्दीन को मिली जमानत को बिहार सरकार की सोची समझी रणनीति बताया है और 14 सितंबर को पूरे राज्य में धरना देने का एलान किया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)