'सत्ता गई तो जेल, सत्ता आई तो बेल'

इमेज स्रोत, ALL INDIA RADIO
राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन शनिवार सुबह भागलपुर जेल से ज़मानत पर रिहा हो गए.
11 साल बाद ज़मानत पर जेल से बाहर आए शहाबुद्दीन ने पत्रकारों से कहा कि लालू प्रसाद यादव ही उनके नेता हैं.
स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़ शहाबुद्दीन एक बड़े काफ़िले के साथ भागलपुर से सिवान रवाना हुए.
उनकी रिहाई के बाद से ही इस मामले पर सोशल मीडिया में चर्चा है.
अधिकतर लोग अपनी टिप्पणियों में शहाबुद्दीन की रिहाई को 'बिहार में जंगलराज की वापसी' बता रहे हैं.
अंशुल सक्सेना (@AskAnshul) ने ट्वीट किया, "शहाबुद्दीन पर चालीस मामले हैं लेकिन फिर भी हाई कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी. जंगल राज तो अभी आना बाक़ी है. सिस्टम की आत्मा को शांति मिले. लालू-नीतीश सरकार को शर्म आनी चाहिए."

इमेज स्रोत, Sanjay Kumar
सुनीता सिंह (@chandel70) ने ट्वीट किया, "शहाबुद्दीन जेल से बाहर आए, ऐसा लग रहा है जैसे वो आलीशान ज़िंदगी जीकर किसी रिज़ॉर्ट से बाहर आए हों."
कर्ण ने ट्वीट किया, "उमर क़ैद की सज़ा काट रहा शहाबुद्दीन बाहर आ रहा है. नीतीश कुमार जी आप मज़बूत नहीं, मजबूर सरकार बनाने में कामयाब हुए हैं."
आकाश गौतम (@AakashGauttam) ने ट्वीट किया, "नीतीश के राज में शहाबुद्दीन जैसे अपराधी को जेल से रिहाई मिल पा रही है क्योंकि अभियोजन पक्ष ने मज़बूती से ज़मानत का विरोध नहीं किया."
अभिषेक (@rockstarabhi268) लिखते हैं, "शहाबुद्दीन ज़मानत पर जेल से बाहर. मुबारक हो बिहार. तुम जंगलराज के ही लायक हो."
वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि शहाबुद्दीन का ज़मानत पर बाहर आना न्यायिक प्रक्रिया है.
सुचेरिता कुकरेती ने ट्वीट किया, "राजद सरकार के सत्ता से बाहर होने पर जेल गए थे और जब राजद सत्ता में वापस आई तो बेल पर बाहर."

इमेज स्रोत, biharpictures.com
वहाज़ अहमद ने फ़ेसबुक पर लिखा, "जो मीडियावाले शहाबुद्दीन की रिहाई पर सवाल उठा रहे हैं क्या उन्होंने वंजारा की रिहाई पर भी ऐसे ही सवाल उठाए थे? वंजारा को ज़मानत मिले तो देशभक्ति और अगर शहाबुद्दीन को मिल जाये तो क़यामत."
बिहार से सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव के फ़ेसबुक अकाउंट पर लिखा गया, ""11 वर्षों के बाद शहाबुद्दीन आज जेल से छूटे हैं. बहुत हायतौबा की जरुरत नहीं है. उम्मीद की जानी चाहिए कि 'सीवान के भय' के माहौल को वे स्वयं समाप्त करेंगे. बीजेपी को हो-हल्ला का कैसा अधिकार-वह तो खुद सूरजभान सिंह, सुनील पांडेय, रमा सिंह, बबलू सिंह,ब्रजभूषण शरण सिंह जैसों का बचाव करती है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












