लाइव, ट्रंप ने खाते बंद किए जाने को लेकर इस बैंक पर दायर किया अरबों का मुक़दमा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के सबसे बड़े बैंक जेपी मॉर्गन चेज़ के ख़िलाफ़ 5 अरब डॉलर का मुक़दमा दायर किया है. उन्होंने बैंक पर राजनीतिक कारणों से उनके खाते ग़ैरक़ानूनी तरीके से बंद करने का आरोप लगाया है.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह

  1. डोनाल्ड ट्रंप के हाथ पर क्यों पड़ गया है नीला निशान, उन्होंने बताया

    डोनाल्ड ट्रंप के हाथ पर निशान

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    इमेज कैप्शन, दावोस में जब डोनाल्ड ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम को संबोधित कर रहे थे, तब उनके हाथ पर नीला निशान दिखा

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके हाथ पर नीले निशान को लेकर जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि उनका हाथ 'टेबल से टकरा गया' था.

    'एयरफ़ोर्स वन' पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने एस्पिरिन को लेकर भी बयान दिया है.

    एक पत्रकार ने जब ट्रंप से पूछा कि 'आपके हाथ पर निशान है, क्या आप ठीक हैं?'

    इस पर ट्रंप ने कहा, "हां, मैं बिल्कुल ठीक हूं. (हाथ) टेबल से टकरा गया था. तो मैंने उस पर थोड़ी-सी क्रीम लगा ली."

    उन्होंने कहा, "मैं कहूंगा कि अगर आपको अपने दिल की परवाह है तो एस्पिरिन लीजिए, अगर आप ऐसा निशान नहीं चाहते तो एस्पिरिन मत लीजिए."

    "डॉक्टर ने कहा, आपको ये लेने की ज़रूरत नहीं है सर. आप बहुत सेहतमंद हैं. मैंने कहा, मैं कोई जोख़िम नहीं लेना चाहता. तो ख़ैर, एस्पिरिन लेने का यह एक साइड इफ़ेक्ट है."

    स्विट्ज़रलैंड के दावोस में जब डोनाल्ड ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम को संबोधित कर रहे थे, तब उनके हाथ पर नीला निशान दिखा था. इसके बाद इसको लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं.

  2. ट्रंप ने खाते बंद किए जाने को लेकर इस बैंक पर दायर किया अरबों का मुक़दमा, नैटली शर्मन, बिज़नेस रिपोर्टर

    जेमी डिमन

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    इमेज कैप्शन, डिमन पिछले दो दशकों से जेपी मॉर्गन बैंक का नेतृत्व कर रहे हैं

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के सबसे बड़े बैंक जेपी मॉर्गन चेज़ के ख़िलाफ़ 5 अरब डॉलर का मुक़दमा दायर किया है. उन्होंने बैंक पर राजनीतिक कारणों से उनके खाते ग़ैरक़ानूनी तरीके से बंद करने का आरोप लगाया है.

    इस मुक़दमे में बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेमी डिमन को भी नामज़द किया गया है.

    इसमें कहा गया है कि 2021 में बैंक की ओर से अचानक खाते बंद किए जाने के बाद ट्रंप और उनके कारोबार को काफ़ी आर्थिक नुक़सान हुआ था और प्रतिष्ठा को चोट पहुंची थी.

    बैंक ने 6 जनवरी 2021 को हुए दंगे के बाद ये खाते बंद करने का फ़ैसला लिया था. उस दिन ट्रंप समर्थक कैपिटल हिल पहुंचे थे और चुनाव नतीजों की औपचारिक पुष्टि की प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की थी.

    जेपी मॉर्गन चेज़ के एक प्रवक्ता ने कहा, "इस मुक़दमे का कोई आधार नहीं है." उन्होंने कहा, "जेपीएमसी राजनीतिक या धार्मिक कारणों से खाते बंद नहीं करता."

    बैंक ने एक बयान में आगे कहा, "हम खाते तब बंद करते हैं, जब वे कंपनी के लिए क़ानूनी या रेगुलेटरी (नियामक) जोखिम पैदा करते हैं."

    ट्रंप ने इस मुक़दमे का ज़िक्र इस वीकेंड पर किया था. डिमन पिछले दो दशकों से जेपी मॉर्गन का नेतृत्व कर रहे हैं.

    हाल के हफ़्तों में डिमन ने प्रशासन के क्रेडिट कार्ड सीमा तय करने के प्रस्ताव का विरोध किया है. उन्होंने आव्रजन नीति और फ़ेडरल रिज़र्व के प्रति प्रशासन के रुख़ की भी आलोचना की है.

  3. टिकटॉक ने व्हाइट हाउस से किया समझौता, अमेरिका में कंपनी ऐसे करेगी काम

    टिकटॉक

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    इमेज कैप्शन, अब अमेरिका में टिकटॉक का एल्गोरिदम केवल अमेरिकी यूज़र्स के डेटा के आधार पर काम करेगा

    टिकटॉक ने अपने अमेरिकी कारोबार को जारी रखने के लिए व्हाइट हाउस के साथ एक समझौता कर लिया है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कंपनी के अमेरिकी ऑपरेशंस की ज़िम्मेदारी कौन संभालेगा.

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टिकटॉक समझौते को अनुमति देने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का शुक्रिया कहा है.

    समझौते के तहत एक नई अमेरिकी इकाई बनाई जाएगी जो टिकटॉक के वैश्विक ऑपरेशंस से अलग होगी. ये ऑपरेशंस अभी चीन से संचालित हो रहे हैं.

    इसके तहत, टिकटॉक का एल्गोरिदम केवल अमेरिकी यूज़र्स के डेटा के आधार पर काम करेगा और यह डेटा अमेरिकी नियमों के अनुसार सुरक्षित रखा जाएगा.

    इसका मतलब है कि टिकटॉक को लेकर अमेरिकी यूज़र्स का अनुभव बदल सकता है.

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान टिकटॉक को बैन करने संबंधी आदेश दिए गए थे.

    टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस को अपने अमेरिकी ऑपरेशंस को अलग करने के लिए जनवरी 2025 तक का समय दिया गया था. लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बैन को लागू करने के फ़ैसले को बार-बार टाला है.

    इस मामले में क़ानून निर्माता इस बात को लेकर चिंतित थे कि चीनी सरकार बाइटडांस को अमेरिकी यूज़र्स का डेटा सौंपने के लिए मजबूर कर सकती है.

  4. दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज़ हवाएं, मौसम विभाग ने क्या कहा

    दिल्ली में बारिश

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    इमेज कैप्शन, बारिश के दौरान कर्तव्य पथ की तस्वीर, जहां आज गणतंत्र दिवस से पहले परेड के लिए रिहर्सल होनी है

    दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह मध्यम बारिश और तेज़ हवाएं चलीं. मौसम विभाग ने इसको लेकर एक बयान भी जारी किया है.

    मौसम विभाग के मुताबिक़, "हल्की से मध्यम बारिश के साथ मध्यम गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है. इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं."

    मौसम विभाग ने कहा है कि यह स्थिति दिल्ली और एनसीआर के कुछ इलाक़ों में देखने को मिल सकती है.

    इससे पहले गुरुवार को मौसम विभाग ने कहा था कि एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से 22 और 23 जनवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के कुछ इलाक़ों में ओलावृष्टि, बिजली गिरने और हवाओं के साथ भारी बारिश या बर्फ़बारी होने की आशंका है.

    आईएमडी के मुताबिक़, इस दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाक़ों में भी कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.

  5. ट्रंप ने मार्क कार्नी के पलटवार के बाद कनाडा को लेकर लिया यह फ़ैसला

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा था कि 'कनाडा, अमेरिका की वजह से ही जी रहा है'

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए कनाडा को भेजे गए न्योते को वापस ले लिया है.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "प्रिय प्रधानमंत्री कार्नी, कृपया इस पत्र को इस बात की सूचना मानें कि 'बोर्ड ऑफ़ पीस' अपने आमंत्रण को वापस ले रहा है, जो कनाडा को इस बोर्ड में शामिल होने के संबंध में आपको दिया गया था."

    ट्रंप का यह फ़ैसला ऐसे वक्त में आया है जब कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि 'कनाडा, अमेरिका की वजह से नहीं जी रहा है.'

    इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि 'कनाडा, अमेरिका की वजह से ही जी रहा है और अगली बार जब मार्क कार्नी बयान देंगे तो उन्हें यह बात याद रखनी चाहिए.'

    दोनों नेताओं के बीच यह बयानबाज़ी तब शुरू हुई जब दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक के दौरान मार्क कार्नी ने नई वैश्विक व्यवस्था की मांग पर ज़ोर दिया.

    ट्रंप का बयान

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  6. पुतिन के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए रूस की फ्रीज़ संपत्तियों के इस्तेमाल पर ट्रंप क्या बोले

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप यह दावा कर चुके हैं कि रूस ने 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए हाँ कर दी है

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उनके देश की फ्रीज़ की गई संपत्तियों से 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए रकम देना चाहते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.

    इससे पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था कि वह 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल हो सकते हैं.

    पुतिन ने कहा था, "हम 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में एक बिलियन डॉलर का योगदान दे सकते हैं. हम इसे उन संपत्तियों से दे सकते हैं, जिन्हें पिछले अमेरिकी प्रशासन (बाइडन प्रशासन) ने फ्रीज़ किया था."

    हालांकि, ट्रंप यह दावा कर चुके हैं कि रूस ने 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए हाँ कर दी है.

    गुरुवार को जब 'एयरफ़ोर्स वन' में एक पत्रकार ने ट्रंप से सवाल किया कि 'पुतिन का कहना है कि वे 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए रूस की फ्रीज़ संपत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो क्या आप उन्हें ऐसा करने की अनुमति देंगे?'

    इस पर ट्रंप ने कहा, "यह बहुत ही दिलचस्प बात है. उन्होंने कहा कि वह अपने पैसे का इस्तेमाल करेंगे. अगर वह अपने पैसे का इस्तेमाल कर रहे हैं तो मुझे लगता है कि यह ठीक है."

  7. 'हम अमेरिका की वजह से नहीं जी रहे', ट्रंप के बयान पर कनाडाई पीएम मार्क कार्नी का पलटवार

    मार्क कार्नी

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    इमेज कैप्शन, मार्क कार्नी ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक के दौरान नई वैश्विक व्यवस्था पर ज़ोर दिया

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा को लेकर दिए बयान पर अब कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पलटवार किया है.

    मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा और अमेरिका ने अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समृद्ध सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय साझेदारी का निर्माण किया है. लेकिन 'कनाडा, अमेरिका की वजह से नहीं जी रहा है'.

    उन्होंने कहा, "कनाडा इसलिए फल-फूल रहा है क्योंकि हम कनाडाई हैं."

    स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक के दौरान मंगलवार मार्क कार्नी ने कहा था कि ताक़तवर देशों की प्रतिद्वंद्विता में मिडिल पावर वाले देशों के सामने दो विकल्प हैं- या तो समर्थन पाने के लिए आपस में होड़ करें या साहस के साथ एक तीसरा रास्ता बनाने के लिए साथ आएं.

    उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था वापस नहीं आएगी और इसका शोक नहीं मनाना चाहिए बल्कि नई और इंसाफ़ सुनिश्चित करने वाली वैश्विक व्यवस्था के लिए काम शुरू कर देना चाहिए.

    मार्क कार्नी के इस बयान को अमेरिका के विरुद्ध माना गया.

    बुधवार को जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी दावोस पहुँचे तो उन्होंने मार्क कार्नी को जवाब दिया. ट्रंप ने अमेरिका के प्रति कृतज्ञता न दिखाने का आरोप लगाते हुए मार्क कार्नी की आलोचना की.

    ट्रंप ने कहा, "वैसे कनाडा हमसे बहुत-सी मुफ़्त सुविधाएँ पाता है. उन्हें आभार व्यक्त करना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं कर रहे हैं. मैंने मंगलवार को मार्क कार्नी को देखा. वह ज़्यादा कृतज्ञ नहीं थे. कनाडा अमेरिका की वजह से ही जी रहा है. अगली बार जब मार्क बयान देंगे तो उन्हें यह बात याद रखनी चाहिए."

    कनाडा की अर्थव्यवस्था बहुत हद तक व्यापार पर निर्भर है और 2024 में कनाडा के कुल निर्यात का 75 प्रतिशत अमेरिका में हुआ था.

    इससे पहले ट्रंप कनाडा को अमेरिका का 51वाँ राज्य बनाने की बात कई बार कह चुके हैं.

  8. पीएम मोदी की ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला से हुई बात, इन मुद्दों पर की चर्चा

    नरेंद्र मोदी और लूला दा सिल्वा

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    इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति लूला अगले महीने भारत दौरे पर आएंगे (फ़ाइल फ़ोटो)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के बीच फ़ोन पर बातचीत हुई है. इस दौरान दोनों नेताओं ने कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की.

    राष्ट्रपति लूला ने इस बातचीत की जानकारी देते हुए कहा, "मैंने आज (गुरुवार) फ़ोन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की. हमने 19 से 21 फ़रवरी के बीच नई दिल्ली में होने वाली मेरी राजकीय यात्रा और द्विपक्षीय एजेंडे पर चर्चा की."

    उन्होंने कहा, "मेरी यात्रा के दौरान आयोजित होने वाले ब्राज़ील-भारत बिज़नेस फ़ोरम के महत्व पर हमने चर्चा की. इस यात्रा के दौरान नई दिल्ली में शीर्ष आधिकारिक कार्यालय का उद्घाटन भी किया जाएगा."

    राष्ट्रपति लूला ने कहा, "हमने वैश्विक स्थिति पर भी विचार साझा किए और ग़ज़ा और दुनिया में शांति की रक्षा, बहुपक्षवाद और लोकतंत्र के पक्ष में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई."

    पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस बातचीत की जानकारी दी.

    उन्होंने कहा, "हमने भारत-ब्राज़ील रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की, जो आने वाले सालों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए तैयार है. ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए हमारा क़रीबी सहयोग अहम है."

    प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति लूला की भारत यात्रा पर कहा कि वह उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं.

    भारत और ब्राज़ील दोनों ही देश ब्रिक्स के सदस्य हैं और इस साल इसकी अध्यक्षता भारत कर रहा है.

  9. नमस्कार!

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